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प्रशासन ने नहीं दिया कोई ध्यान तो लोगों ने खुद ही करवाई सड़क की मरम्मत
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कोली गांव की सडक की मरम्मत जेसीबी।
- फोटो : KATHUA
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हीरानगर। कंडी क्षेत्र की पंचायत डिंगा अंब बी में कोली गांव जाने वाली कच्ची सड़क की मरम्मत के लिए जब प्रशासन की ओर से सहायता नहीं मिली, तो स्थानीय सरपंच सुरेंद्र वर्मा की पहल पर लोगों ने मिलकर खुद पैसे इकट्ठे कर मरम्मत का काम शुरू कराया है। लोगों ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी उन्हें पक्की सड़क सुविधा नहीं मिली है।
सरपंच ने कहा कि दो वर्ष पहले इस गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए पहल की गई था, लेकिन उसके बाद इसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। इस सड़क के बनने से करीब आधा दर्जन गांवों को फायदा हो सकता है। सड़क बनाने की मांग को लेकर उपराज्यपाल को पत्र लिखे, कई बार जिला उपायुक्त से मिलकर यहां के लोगों की समस्या की जानकारी दी, लेकिन समाधान कोई नहीं निकला।
सरपंच ने बताया कि गांव में एक लड़की की शादी है और कच्ची सड़क कई जगहों से टूट चुकी है। लोक निर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत करने की गुहार लगाई थी। उन्होंने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई, तो लोगों ने मिलकर कुछ पैसे इकट्ठे किए और मरम्मत का काम शुरू करा दिया। केंद्र सरकार दावे कर रही है कि हर गांव में पक्की सड़क होगी, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को पक्की सड़क देना तो दूर, कच्ची सड़क की मरम्मत कराना भी प्रशासन के बस की बात नहीं है।
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सरपंच ने कहा कि दो वर्ष पहले इस गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए पहल की गई था, लेकिन उसके बाद इसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। इस सड़क के बनने से करीब आधा दर्जन गांवों को फायदा हो सकता है। सड़क बनाने की मांग को लेकर उपराज्यपाल को पत्र लिखे, कई बार जिला उपायुक्त से मिलकर यहां के लोगों की समस्या की जानकारी दी, लेकिन समाधान कोई नहीं निकला।
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सरपंच ने बताया कि गांव में एक लड़की की शादी है और कच्ची सड़क कई जगहों से टूट चुकी है। लोक निर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत करने की गुहार लगाई थी। उन्होंने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई, तो लोगों ने मिलकर कुछ पैसे इकट्ठे किए और मरम्मत का काम शुरू करा दिया। केंद्र सरकार दावे कर रही है कि हर गांव में पक्की सड़क होगी, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को पक्की सड़क देना तो दूर, कच्ची सड़क की मरम्मत कराना भी प्रशासन के बस की बात नहीं है।
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