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खस्ताहाल सड़क पर पैदल चलना दूभर
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हीरानगर। कंडी क्षेत्र में दो पंचायतों छन्न दित्याल और चंदवा को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत 17 वर्षों से नहीं हुई है। सड़क खस्ताहाल होने के कारण लोगों का पैदल चलना दूभर हो रहा है। यहीं कारण है कि गांव में यातायात की सुविधा भी नहीं मिल रही है।
इस बारे में पंच बलबीर सिंह ने बताया कि सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। वर्ष 2005 से लोग इस सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से यह सड़क अब गड्ढे का रूप ले चुकी है। सड़क की हालत की वजह से दोनों पंचायतों के लोगों को एक दूसरी पंचायत में जाने के लिए दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। जो सफर लोग पांच मिनट में तय कर सकते हैं, मजबूर होेकर आधे से एक घंटे में पूरा करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा सरकार की ओर से चलाए गए बैक टू विलेज कार्यक्रमों में अपनी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं है। जिसकी वजह से अब लोगों में नाराजगी है। लोग कभी भी सड़कों पर बैठकर सरकार का विरोध कर सकते हैं।
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निशा देवी ने कहा बदहाल सड़क की वजह से गांव में यातायात की सुविधा नहीं है। पैदल चलकर दूसरी जगह से बस सेवा लेनी पड़ती है। यही नहीं स्कूल बस चालक भी इस गांव में आने से कतराते हैं। जिसकी वजह से बच्चों को गांव से कुछ दूरी पर उतार दिया जाता है और वह पैदल घर पहुंचते हैं। जहां एक तरफ सरकार हर गांव को अच्छी सड़क सुविधा देने के दावे कर रही है, वहीं हम वर्षों से इस सुविधा के लिए तरस रहे हैं। बिंदर सिंह ने कहा सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन यहां कोई विकास नहीं है। आज भी लोग अच्छी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। अगर सड़क की मरम्मत हो जाए तो छन्न दित्याल, चंदवा और सहसवां पंचायतों का सीधा संपर्क हो जाएगा।
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इस बारे में पंच बलबीर सिंह ने बताया कि सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। वर्ष 2005 से लोग इस सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से यह सड़क अब गड्ढे का रूप ले चुकी है। सड़क की हालत की वजह से दोनों पंचायतों के लोगों को एक दूसरी पंचायत में जाने के लिए दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। जो सफर लोग पांच मिनट में तय कर सकते हैं, मजबूर होेकर आधे से एक घंटे में पूरा करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा सरकार की ओर से चलाए गए बैक टू विलेज कार्यक्रमों में अपनी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं है। जिसकी वजह से अब लोगों में नाराजगी है। लोग कभी भी सड़कों पर बैठकर सरकार का विरोध कर सकते हैं।
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निशा देवी ने कहा बदहाल सड़क की वजह से गांव में यातायात की सुविधा नहीं है। पैदल चलकर दूसरी जगह से बस सेवा लेनी पड़ती है। यही नहीं स्कूल बस चालक भी इस गांव में आने से कतराते हैं। जिसकी वजह से बच्चों को गांव से कुछ दूरी पर उतार दिया जाता है और वह पैदल घर पहुंचते हैं। जहां एक तरफ सरकार हर गांव को अच्छी सड़क सुविधा देने के दावे कर रही है, वहीं हम वर्षों से इस सुविधा के लिए तरस रहे हैं। बिंदर सिंह ने कहा सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन यहां कोई विकास नहीं है। आज भी लोग अच्छी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। अगर सड़क की मरम्मत हो जाए तो छन्न दित्याल, चंदवा और सहसवां पंचायतों का सीधा संपर्क हो जाएगा।