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सीटें कम करने को लेकर विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन
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कॉलेज में दाखिला न मिलने नाराज विद्यार्थी रोष व्यक्त करते हुए। - विज्ञप्ति।
- फोटो : KATHUA
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हीरानगर। डिग्री कॉलेज में दाखिले के लिए सीटें कम किए जाने के खिलाफ सोमवार को विद्यार्थियों ने जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के नेता रमेश कुंडल भी मौजूद रहे।
रमेश कुंडल ने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर जो लोग बच्चों को निजी कॉलेजों में नहीं भेज सकते, उनके लिए सरकारी कॉलेज ही उच्च शिक्षा हासिल करने का एकमात्र जरिया है। लेकिन यहां दाखिले के लिए सीटें सीमित किए जाने से कई बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल कॉलेज में लगभग नौ सौ विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इस बार वहां 320 सीटें ही दी गई हैं, जिन पर आवेदन हो चुके हैं। अब विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन पोर्टल को बंद कर दिया गया है। इस बारे में कॉलेज प्रबंधन से भी बात की, जिस पर उनका कहना है कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिया गया फैसला है। जिन बच्चों को यहां दाखिला नहीं मिल रहा, वह मढीन में दाखिला ले सकते हैं।
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रमेश ने कहा कि जो बच्चे यहां पढ़ना चाहते हैं, वह दूसरे कॉलेज में दाखिला क्यों लें? इस कॉलेज में हर सुविधा उपलब्ध है, इसलिए बच्चे यहां पढ़ना चाहते हैं। लेकिन, दाखिला न मिलने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यहां सीटें बढ़ाई नहीं गईं, तो विद्यार्थियों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे।
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रमेश कुंडल ने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर जो लोग बच्चों को निजी कॉलेजों में नहीं भेज सकते, उनके लिए सरकारी कॉलेज ही उच्च शिक्षा हासिल करने का एकमात्र जरिया है। लेकिन यहां दाखिले के लिए सीटें सीमित किए जाने से कई बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि पिछले साल गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल कॉलेज में लगभग नौ सौ विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इस बार वहां 320 सीटें ही दी गई हैं, जिन पर आवेदन हो चुके हैं। अब विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन पोर्टल को बंद कर दिया गया है। इस बारे में कॉलेज प्रबंधन से भी बात की, जिस पर उनका कहना है कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिया गया फैसला है। जिन बच्चों को यहां दाखिला नहीं मिल रहा, वह मढीन में दाखिला ले सकते हैं।
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रमेश ने कहा कि जो बच्चे यहां पढ़ना चाहते हैं, वह दूसरे कॉलेज में दाखिला क्यों लें? इस कॉलेज में हर सुविधा उपलब्ध है, इसलिए बच्चे यहां पढ़ना चाहते हैं। लेकिन, दाखिला न मिलने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यहां सीटें बढ़ाई नहीं गईं, तो विद्यार्थियों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे।