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पानी की किल्लत और हैंडपंपों को रिपेयर ना करने पर फूटा लोगों का गुस्सा
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बसोहली। बुधवार को नगरोटा प्रेता के नायब सरपंच अजीत सिंह के नेतृत्व में पानी की किल्लत को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बसोहली-कठुआ मार्ग को नगरोटा के नजदीक जाम कर जल शक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की।
इस दौरान बसोहली-कठुआ की मुख्य सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे वाहनों में मौजूद यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि उनके इलाके में खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किया गया है। और न ही जल शक्ति विभाग ने पेयजल समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए हैं। हालांकि, करीब दो दिन पूर्व भी पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन विभाग लोगों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसके कारण लोग आज सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने बताया कि खराब पड़े हैंडपंपों और पेयजल की दिक्कत के बारे में विभागीय अधिकारियों समेत प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रेता इलाके के लोग अपने घरों से दूर दूषित बावलियों और दूसरी पंचायतों में जाकर पानी लाते हैं। इसके लिए उन्हें करीब दो से तीन किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।
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प्रदर्शनकारियों के बीच मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी सिकंदर सिंह चौहान ने प्रदर्शनकारियों की बातों को सुना, और जलशक्ति विभाग व प्रशासन से बात कर शीघ्र उनकी समस्या के समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और मार्ग से हटे। मार्ग खुलने के बाद दोनों ओर लगी वाहनों की कतारें भी खत्म हुईं।
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इस दौरान बसोहली-कठुआ की मुख्य सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे वाहनों में मौजूद यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि उनके इलाके में खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किया गया है। और न ही जल शक्ति विभाग ने पेयजल समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए हैं। हालांकि, करीब दो दिन पूर्व भी पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन विभाग लोगों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसके कारण लोग आज सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
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उन्होंने बताया कि खराब पड़े हैंडपंपों और पेयजल की दिक्कत के बारे में विभागीय अधिकारियों समेत प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रेता इलाके के लोग अपने घरों से दूर दूषित बावलियों और दूसरी पंचायतों में जाकर पानी लाते हैं। इसके लिए उन्हें करीब दो से तीन किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।
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प्रदर्शनकारियों के बीच मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी सिकंदर सिंह चौहान ने प्रदर्शनकारियों की बातों को सुना, और जलशक्ति विभाग व प्रशासन से बात कर शीघ्र उनकी समस्या के समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और मार्ग से हटे। मार्ग खुलने के बाद दोनों ओर लगी वाहनों की कतारें भी खत्म हुईं।