{"_id":"5f6b90018ebc3e0abe635418","slug":"protest-kathua-news-jmu2193078173","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी
विज्ञापन
कठुआ। अपनी मांगों को लेकर कश्मीर कूच कर रहे जल शक्ति विभाग के दैनिक वेतन भोगियों के नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर कर्मियों ने कड़ा रोष जताया है। बुधवार को अपनी मांगों को लेकर कश्मीर कूच के लिए जमा हो रहे कर्मियों को रोकने के लिए पुलिस ने उनके नेताओं जिला प्रधान शिव नारायण सिंह के अलावा जितेंद्र सिंह और मोहनलाल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कर्मियों का गुस्सा भड़क गया। अपने नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज प्रदर्शनकारी हाईवे की ओर बढ़ने लगे। सूचना मिलने पर एक बार फिर थाना प्रभारी अरविंद संभाल पुलिस कर्मियों के साथ वहां पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों को रोककर प्रशासन के उच्चाधिकारियों से उनकी बात करवाने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पिछले दो दशकों से विभाग में सेवाएं दे रहे अस्थाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। जिन्हें आज तक सरकार द्वारा न तो पक्का किया गया है और ना ही इन कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन की नीति को लागू किया जा रहा है। कर्मचारियों को मिलने वाला नाममात्र वेतन भी अनियमित है। इसके चलते कर्मचारियों का छह साल का वेतन अभी भी बकाया है। लगातार ऐसे हालात में काम कर रहे उनके साथियों का अब सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है और दूसरी तरफ जब विभाग में सेवाएं देने वाले कर्मचारी अपने हकों के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहते हैं तो उसे भी व पुलिस बल के माध्यम से कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भले ही पुलिस ने उनके कश्मीर कूच के कार्यक्रम को असफल किया है, लेकिन इससे उनके हौसले टूटे नहीं है। आज से सभी कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल पर रहेंगे। 2 अक्तूबर को इस संबंध में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के अनुसार अगली कार्रवाई को तय किया जाएगा। जब तक सरकार कर्मचारियों को उनके हक नहीं देगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पिछले दो दशकों से विभाग में सेवाएं दे रहे अस्थाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। जिन्हें आज तक सरकार द्वारा न तो पक्का किया गया है और ना ही इन कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन की नीति को लागू किया जा रहा है। कर्मचारियों को मिलने वाला नाममात्र वेतन भी अनियमित है। इसके चलते कर्मचारियों का छह साल का वेतन अभी भी बकाया है। लगातार ऐसे हालात में काम कर रहे उनके साथियों का अब सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है और दूसरी तरफ जब विभाग में सेवाएं देने वाले कर्मचारी अपने हकों के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहते हैं तो उसे भी व पुलिस बल के माध्यम से कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भले ही पुलिस ने उनके कश्मीर कूच के कार्यक्रम को असफल किया है, लेकिन इससे उनके हौसले टूटे नहीं है। आज से सभी कर्मचारी कामछोड़ हड़ताल पर रहेंगे। 2 अक्तूबर को इस संबंध में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के अनुसार अगली कार्रवाई को तय किया जाएगा। जब तक सरकार कर्मचारियों को उनके हक नहीं देगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन