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जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक का आयोजन
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कठुआ। कोरोना महामारी के चलते लगातार बंद चल रहे स्कूलों की व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बैठक का आयोजन किया।
बैठक के दौरान जिले के पहाड़ी क्षेत्र के सदस्यों ने निजी शिक्षण संस्थानों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राज्य निकाय के साथ एक बैठक आयोजित करने की बात कही। वक्ताओं ने कोरोना के मामलों के कम होने के बाद स्कूलों को फिर से खोलने के साथ मासिक शुल्क संग्रह, स्कूल परिवहन से जुड़े मुद्दों और एफएफआरसी आदेश पर चर्चा की।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शांति भूषण ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के कम बजट वाले निजी स्कूलों के सभी दर्द बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूल बसों के लिए भुगतान किए जाने वाले विभिन्न वाणिज्यिक करों में छूट देनी चाहिए। साथ ही शिक्षा विभाग को कम से कम दो साल के लिए मान्यता अवधि में विस्तार देना चाहिए। वहीं, बिलावर जोन अध्यक्ष भरत खजूरिया ने कहा कि सरकार की नीतियां और आदेशों के कारण निकट भविष्य में निजी स्कूल पूरी तरह बंद होने की स्थिति में आ गए है।
उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के प्रति सरकार के अप्रासंगिक व्यवहार को चुनौती देने के लिए सरकार को कुछ दृढ़ निर्णय लेने होंगे। वहीं, बसोहली जोन अध्यक्ष अंकुर अरोड़ा ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के प्रति सरकार की कुटिल मानसिकता के खिलाफ खुले तौर पर लड़ने के लिए एसोसिएशन की कड़ी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बैठक में मौजूद एसोसिएशन के प्रमुख सदस्यों ने कहा कि निजी स्कूल के संचालकों के अस्तित्व के लिए हमें पारस्परिक रूप से एक ठोस रणनीति तैयार करनी होगी।
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एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सतपाल मंसोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें अध्यक्ष जम्मू ग्रामीण लाल चंद गंडोत्रा, अध्यक्ष जम्मू शहरी दीपक हांडा, अध्यक्ष पुंछ जनाब राजा शहजाद, अध्यक्ष उधमपुर राम प्रकाश, राज्य निकाय सदस्य अजय कोतवाल, बलवंत सिंह, रोमेश गुप्ता, इकबाल मस्की भी मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान जिले के पहाड़ी क्षेत्र के सदस्यों ने निजी शिक्षण संस्थानों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राज्य निकाय के साथ एक बैठक आयोजित करने की बात कही। वक्ताओं ने कोरोना के मामलों के कम होने के बाद स्कूलों को फिर से खोलने के साथ मासिक शुल्क संग्रह, स्कूल परिवहन से जुड़े मुद्दों और एफएफआरसी आदेश पर चर्चा की।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शांति भूषण ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के कम बजट वाले निजी स्कूलों के सभी दर्द बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूल बसों के लिए भुगतान किए जाने वाले विभिन्न वाणिज्यिक करों में छूट देनी चाहिए। साथ ही शिक्षा विभाग को कम से कम दो साल के लिए मान्यता अवधि में विस्तार देना चाहिए। वहीं, बिलावर जोन अध्यक्ष भरत खजूरिया ने कहा कि सरकार की नीतियां और आदेशों के कारण निकट भविष्य में निजी स्कूल पूरी तरह बंद होने की स्थिति में आ गए है।
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उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के प्रति सरकार के अप्रासंगिक व्यवहार को चुनौती देने के लिए सरकार को कुछ दृढ़ निर्णय लेने होंगे। वहीं, बसोहली जोन अध्यक्ष अंकुर अरोड़ा ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के प्रति सरकार की कुटिल मानसिकता के खिलाफ खुले तौर पर लड़ने के लिए एसोसिएशन की कड़ी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बैठक में मौजूद एसोसिएशन के प्रमुख सदस्यों ने कहा कि निजी स्कूल के संचालकों के अस्तित्व के लिए हमें पारस्परिक रूप से एक ठोस रणनीति तैयार करनी होगी।
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एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सतपाल मंसोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें अध्यक्ष जम्मू ग्रामीण लाल चंद गंडोत्रा, अध्यक्ष जम्मू शहरी दीपक हांडा, अध्यक्ष पुंछ जनाब राजा शहजाद, अध्यक्ष उधमपुर राम प्रकाश, राज्य निकाय सदस्य अजय कोतवाल, बलवंत सिंह, रोमेश गुप्ता, इकबाल मस्की भी मौजूद रहे।