कठुआ। जलशक्ति विभाग के बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार ने बुधवार को शाहपुर कंडी परियोजना का दौरा किया। पंजाब के रावी सदन में अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ ही प्रधान सचिव ने परियोजना स्थल पर चल रहे कार्य का भी जायजा लिया। जम्मू कश्मीर की हद में होने वाले कार्यों में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिला प्रशासन कठुआ, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए हैं।
परियोजना स्थल पर पहुंचे प्रधान सचिव को अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय परियोजना शाहपुर कंडी से भारत पाकिस्तान को जाने वाले रावी दरिया के पूरे पानी का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। 40 साल के लंबे इंतजार के बाद इस परियोजना के तैयार होने से जम्मू कश्मीर को 1150 क्यूसेक पानी भी मिलेगा, जिसके लिए समझौता रंजीत सागर बांध के समय ही हो चुका है। जबकि वर्तमान में तीन सौ क्यूसेक पानी ही हासिल हो रहा है। इसके लिए बांध परियोजना में पंजाब सरकार की ओर से ही 1.4 किलोमीटर लंबी नहर का काम पूरा किया जाना है। जिसमें पेड़ों की कटाई, डूब क्षेत्र में नौरा पुल का निर्माण और प्रभावित हो रहे 15 कुनबों के लिए राहत पुनर्वास में रोड़ों के चलते फिलहाल काम की गति प्रभावित हो रही है। प्रधान सचिव ने जिला उपायुक्त को राहत पुनर्वास के मामले को जल्द से जल्द हल किए जाने और भूमि अधिग्रहण के निर्देश दिए। वहीं वन विकास प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक को नहर क्षेत्र की जद में आने वाले पेड़ों की कटाई करवाकर अगले 15 दिन के भीतर जमीन उपलब्ध करवाने को कहा गया है।