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पंचायत प्रतिनिधियों ने कान्फ्रेंस का किया बहिष्कार
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हीरानगर। ब्लॉक कार्यालय परिसर में मंगलवार को पंचायत कान्फ्रेंस का पंचायत प्रतिनिधियों ने बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पंचों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सिर्फ समय की बर्बादी के अलावा कुछ नहीं हैं।
पंच अशोक कुमार ने कहा अपने अधिकारों के लिए पंच कई वर्षों से सरकार से मांग कर रही है, लेकिन आज तक हमारी सुनवाई नहीं हुई। पंचायत में विकास कार्य पर न तो विभाग के अधिकारी पंचों को विश्वास में लेते हैं और न ही सरपंच। उन्होंने कहा कहने को हमें 21 विभाग दिए गए हैं, लेकिन अगर किसी विभाग के कार्यालय में जाते हैं तो हमें बैठने तक के लिए नहीं पूछा जाता।
एक हजार रुपये मानदेय हमें लगाया गया था, लेकिन हमें याद नहीं कब मिला था। उन्होंने कहा जब हमारी कोई भूमिका ही नहीं है तो फिर इस तरह के कार्यक्रम में हमारा क्या काम है। पंच सुरेश कुमार ने कहा सरपंच की तरह पंचों को भी आम लोगों ने चुना है। लेकिन ग्रामीण विकास विभाग में सुनवाई सिर्फ सरपंचों की होती है। पंचों को कोई नहीं पूछता। जब पंचों की जरूरत ही नहीं है तो फिर इस तरह के कार्यक्रमों में बुलाने का क्या फायदा है। इस मौके पर पंच भारत भूषण, पंच नीरज कुमार, पंच लालचंद आदि ने प्रदर्शन किया।
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पंच अशोक कुमार ने कहा अपने अधिकारों के लिए पंच कई वर्षों से सरकार से मांग कर रही है, लेकिन आज तक हमारी सुनवाई नहीं हुई। पंचायत में विकास कार्य पर न तो विभाग के अधिकारी पंचों को विश्वास में लेते हैं और न ही सरपंच। उन्होंने कहा कहने को हमें 21 विभाग दिए गए हैं, लेकिन अगर किसी विभाग के कार्यालय में जाते हैं तो हमें बैठने तक के लिए नहीं पूछा जाता।
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एक हजार रुपये मानदेय हमें लगाया गया था, लेकिन हमें याद नहीं कब मिला था। उन्होंने कहा जब हमारी कोई भूमिका ही नहीं है तो फिर इस तरह के कार्यक्रम में हमारा क्या काम है। पंच सुरेश कुमार ने कहा सरपंच की तरह पंचों को भी आम लोगों ने चुना है। लेकिन ग्रामीण विकास विभाग में सुनवाई सिर्फ सरपंचों की होती है। पंचों को कोई नहीं पूछता। जब पंचों की जरूरत ही नहीं है तो फिर इस तरह के कार्यक्रमों में बुलाने का क्या फायदा है। इस मौके पर पंच भारत भूषण, पंच नीरज कुमार, पंच लालचंद आदि ने प्रदर्शन किया।
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