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Kathua News: सिंतबर में फूटेंगे आलू से किसानों की खुशहाली के अंकुर

Fri, 30 May 2025 02:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Fri, 30 May 2025 02:08 AM IST
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Potatoes will sprout seeds of prosperity for farmers in September
बनी में तैयार होने वाले आलू।
कठुआ। सिर्फ पर्यटन ही नहीं बल्कि जिले का दूरदराज सरथल अब आलू बीज उत्पादन का संभाग में बड़ा केंद्र भी बनने जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से जिले में आलू बीज की खास तौर से पहाड़ी इलाके की मांग को पूरा करने के लिए सरथल को बीज गांव के साथ साथ आलू बीज फार्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीज गांव सरथल में किसानों को प्रेरित कर लगाए गए आलू के बीज अनुकूल मौसम रहने पर अक्तूबर तक तैयार हो जाएंगे।
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कृषि विभाग की ओर से सरथल में 110 कनाल, 12 मरले जमीन पर संभाग की बड़ी परियोजना चलाई जा रही है। 10.11 करोड़ रुपये की राशि से सरथल में आलू बीज फार्म तैयार होने जा रहा है। इसमें फेंसिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
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7.46 करोड़ रुपये की लागत से सिविल कार्य होंगे। इसमें कैफेटेरिया से लेकर चौकीदार हट और अन्य इमारत शामिल हैं। बाकायदा इस परियोजना के अगले चरण में जमीन के समतलीकरण को लेकर काम भी जल्द शुरू होने जा रहा है। जमीन समतल होने के बाद अगले सीजन से यहां आलू के बीज तैयार किए जा सकेंगे।
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कृषि विभाग के सहायक कृषि विस्तार अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बनी क्षेत्र में ऑफसीजन आलू को लेकर काफी क्षमता है। एक ओर जहां अधिकतर इलाकों में सितंबर में आलू लगाया जाता है वहीं यहां मार्च और अप्रैल में आलू का बीज लगा दिया जाता है। बनी के निचले इलाकों में 15 जून तो वहीं सरथल, ढग्गर, कोटी चंडियार और धमान जैसे ठंडे इलाकों में सितंबर तक आलू तैयार होकर बाजार में आ जाता है।
बताया कि इलाके के किसान लगभग 60 हेक्टयेर में आलू की कुफरी ज्योति और कुफरी हिमालयन किस्म को तैयार कर रहे हैं। औसतन 12,000 क्विंटल आलू बनी में ही तैयार हो रहा है। बताया कि चंडीगढ़ तक बनी के आलू का बाजार है। पंजाब से सब्जी फल बनी पहुंचते हैं तो वाहन आलू लेकर लौटते हैं। ऐसे में किसान भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बनी क्षेत्र में ही आलू बीज की लगभग ढाई सौ क्विंटल तक मांग है लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी बीते सीजन में सौ क्विंटल बीज ही उपलब्ध हो पाया था। ऐसे में सरथल में ही 50 क्विंटल बीज स्थानीय किसानों को देकर बीज गांव तैयार किया गया है। यहां से अनुकूल मौसम मिलने पर चार सौ क्विंटल तक बीज तैयार होगा। ऐसे में बनी के साथ अन्य इलाकों के लिए बीज यहां अनुकूल और ठंडे मौसम में तैयार किया जा सकेगा।


ओपन कैफे के साथ साथ लाइव आलू फार्म का ले सकेंगे पर्यटक भी लुत्फ

देश के विभिन्न हिस्सों में जिस तरह से पर्यटक वहां घूमने के साथ वहां उगाई जाने वाली फसलों को लाइव देख सकते थे। अब ऐसा ही कुछ कठुआ जिले के पर्यटन स्थल सरथल में होने जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक अगले सीजन में आलू की फसल देखने के साथ सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। विभाग आलू फार्म को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित कर रहा है। इसमें प्रबंधक के कार्यालय, चौकीदार के कमरे और फार्म हाउस के अलावा जमीन के बीचोंबीच बहते नाले पर एक पुल, ओपन कैफे हाउस और एक एकड़ पर आलू की लाइव डिमांस्ट्रेशन की सुविधा रहेगी। वाहन पार्किंग की सुविधा अलग से होगी।





सरथल में 110 कनाल, 11 मरले जमीन पर आलू फार्म को तैयार किया जा रहा है। यह फार्म न सिर्फ सरथल बल्कि बनी, लोहाई मल्हार के इलाकों में भी किसानों को उच्च गुणवत्ता और उपयुक्त मौसम के बीज मुहैया करवाएगा। यह एग्रो टूरिज्म की मिसाल बनेगा। पांच साल तक ताजा जमीन उपलब्ध होने से यहां आलू को किसी भी तरह की बीमारी का भी खतरा नहीं है। इसके साथ ही स्थानीय किसानों की मदद से तैयार किया गया बीज गांव भी आलू बीज की मांग को पूरा करने में मदद करेगा। - जितेंद्र कुमार खजूरिया, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ।
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