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कर्नल महान सिंह के ऑडियो बयान पर जिला काग्रेस कमेटी ने जताया कड़ा ऐतराज
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पत्रकारों से बात करते जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान पंकज डोगरा। संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डीडीसी अध्यक्ष कर्नल महान सिंह के ऑडियो बयान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने ऐतराज जताया है। मंगलवार को कठुआ में आयोजित प्रेसवार्ता में जिला प्रधान पंकज डोगरा ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि ऑडियो में वर्ग विशेष के लिए जिस प्रकार की भाषा का उपयोग किया गया है, वह किसी भी तरह से लोकतांत्रिक नहीं है। लिहाजा वह मांग करते हैं कि इसके लिए कर्नल महान सिंह सार्वजनिक मंच पर माफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने बताया कि गत दिनों सड़क की समस्या से परेशान कोट वासियों द्वारा किए प्रदर्शन के बाद डीडीसी द्वारा अपनी प्रतिक्रिया में प्रदर्शन करने वाले लोगों को पशु की संज्ञा दी है। इससे साफ हो गया है कि वह सत्ता के नशे में चूर हैं। डोगरा ने कहा कि आम लोगों का अपनी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। धरना प्रदर्शन के दौरान लोग मांग के लिए अगर रोष व्यक्त करते हैं तो जाहिर है कि वह सत्ता पक्ष के खिलाफ ही होगा, लेकिन एक सम्मानीय पद पर लोगों के मतों के दम पर पहुंचने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा का उपयोग करना सही नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह पार्टी की स्वर्गवासी नेता और पूर्व एमएलसी प्रकाश रानी के बारे में आपत्तिजनक बयानबाजी कर चुके हैं।
उन्होंने भाजपा नेताओं से परिषद अध्यक्ष के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक मंच पर आकर अपने कृत्य के माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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षडयंत्र के तहत ग्रामीणों को भड़काकर कराया गया प्रदर्शन
षडयंत्र के तहत ग्रामीणों को भड़काया गया। वायरल ऑडियो में अपने कार्यकर्ता के साथ बात की गई है। यह सामान्य तौर पर की गई बात थी। किसी की भी भावनाओं को आहत करने का प्रयास नहीं किया गया है। रिकार्डिंग को सार्वजनिक करना अनैतिक है। ग्रामीणों के लिए पहले ही सड़क सहित कई अन्य विकास योजनाओं को लेकर आश्वासन बैठकें हो चुकी हैं। कई सड़कों के प्रपोजल मंजूरी के लिए भेजे जा चुकी हैं। विरोधी दल भोले भाले ग्रामीणों को भड़काकर सड़क पर उतार रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों और एक पार्टी विशेष के खिलाफ नारेबाजी करवाना सही नहीं है।
शीतलनगर ब्लॉक में बीस से तीस साल पहले सड़कें बनाई जानी चाहिए थी लेकिन तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने सड़कों को नहीं बनाया। वर्तमान केंद्र सरकार सड़कों के जाल को विभिन्न योजनाओं से तेजी से विस्तार दे रही है। बसोहली में विशेष फोकस दिया जा रहा है। बसोहली विधानसभा हल्क में कुछ सड़कों का शुरू भी हो गया है। नाबार्ड की चार से पांच, पीएमजीएसवाई की दर्जन भर सड़कें शीतलनगर ब्लॉक और आसपास के इलाके में बन रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य विकास के ढांचों को विकसित किया जा रहा है। शिक्षा और सिंचाई की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि गत दिनों सड़क की समस्या से परेशान कोट वासियों द्वारा किए प्रदर्शन के बाद डीडीसी द्वारा अपनी प्रतिक्रिया में प्रदर्शन करने वाले लोगों को पशु की संज्ञा दी है। इससे साफ हो गया है कि वह सत्ता के नशे में चूर हैं। डोगरा ने कहा कि आम लोगों का अपनी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। धरना प्रदर्शन के दौरान लोग मांग के लिए अगर रोष व्यक्त करते हैं तो जाहिर है कि वह सत्ता पक्ष के खिलाफ ही होगा, लेकिन एक सम्मानीय पद पर लोगों के मतों के दम पर पहुंचने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा का उपयोग करना सही नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह पार्टी की स्वर्गवासी नेता और पूर्व एमएलसी प्रकाश रानी के बारे में आपत्तिजनक बयानबाजी कर चुके हैं।
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उन्होंने भाजपा नेताओं से परिषद अध्यक्ष के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक मंच पर आकर अपने कृत्य के माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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षडयंत्र के तहत ग्रामीणों को भड़काकर कराया गया प्रदर्शन
षडयंत्र के तहत ग्रामीणों को भड़काया गया। वायरल ऑडियो में अपने कार्यकर्ता के साथ बात की गई है। यह सामान्य तौर पर की गई बात थी। किसी की भी भावनाओं को आहत करने का प्रयास नहीं किया गया है। रिकार्डिंग को सार्वजनिक करना अनैतिक है। ग्रामीणों के लिए पहले ही सड़क सहित कई अन्य विकास योजनाओं को लेकर आश्वासन बैठकें हो चुकी हैं। कई सड़कों के प्रपोजल मंजूरी के लिए भेजे जा चुकी हैं। विरोधी दल भोले भाले ग्रामीणों को भड़काकर सड़क पर उतार रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों और एक पार्टी विशेष के खिलाफ नारेबाजी करवाना सही नहीं है।
शीतलनगर ब्लॉक में बीस से तीस साल पहले सड़कें बनाई जानी चाहिए थी लेकिन तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने सड़कों को नहीं बनाया। वर्तमान केंद्र सरकार सड़कों के जाल को विभिन्न योजनाओं से तेजी से विस्तार दे रही है। बसोहली में विशेष फोकस दिया जा रहा है। बसोहली विधानसभा हल्क में कुछ सड़कों का शुरू भी हो गया है। नाबार्ड की चार से पांच, पीएमजीएसवाई की दर्जन भर सड़कें शीतलनगर ब्लॉक और आसपास के इलाके में बन रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य विकास के ढांचों को विकसित किया जा रहा है। शिक्षा और सिंचाई की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।