फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Petrol rate

पेट्रोल हुआ सौ के पार, जनता करे हाहाकार

विज्ञापन
Petrol rate
कठुआ। पेट्रोलियम ईंधन के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जिले में पेट्रोल की कीमत सौ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। जबकि, डीजल भी उसी तरह से उछाल भरते हुए 92 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब कठुआ के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल के मूल्य सौ के पार हुए हैं।
विज्ञापन

वीरवार को पहली बार जिले में जैसे ही पेट्रोल पंपों की मशीनों ने प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत सौ रुपये पचास पैसे दिखाई, वैसे ही लोगों में इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई। लगातार बढ़ रही कीमत के कारण हर कोई इससे परेशान दिखा। वहीं, पेट्रोल पंपों पर कुछ ऐसे लोग भी दिखे जो पहले पेट्रोल का दाम सुनने के बाद अचंभित दिखे।
विज्ञापन

..........
क्या कहते है लोग
लगता है कि देश में सरकार का अब किसी भी चीज पर नियंत्रण नहीं रहा है। कोरोना की इस महामारी में जब लोगों के पास रोजगार नहीं है, तो बढ़ती हुई महंगाई ने उनकी कमर तोड़ी हुई है। अब पेट्रोल-डीजल के दाम में लग रही आग आम लोगों को और मुसीबत में डालेगी। पिछले दस सालों में लगातार बढ़ रहे दाम को रोकने के लिए सरकार कोई पहल ही नहीं कर रही है। केवल आम लोगों को महंगाई की चक्की में पिसते हुए देख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ओम प्रकाश शर्मा
-------------------------------------
जिस तरह से लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, इससे सरकार भले ही अपना घाटा पूरा कर ले, लेकिन आने वाले दिनों में ऑटो मोबाइल क्षेत्र में काम करके रोटी कमाने के वालों के कारोबार का प्रभावित होना तय है। शहर में पहले से ही लगातार बढ़ रहे पेट्रोल के दाम को देखते हुए लोगों का रुझान ई-बाइक की ओर मुड़ा है। यहां तीन नए शोरूम खुल चुके है। लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार वाहन खरीद रहे हैं। अगर ऐसा ही हाल रहा दो पहिया वाहनों के स्पेयर पार्ट्स बेचने वालों से लेकर इनकी मरम्मत से जुडे़ लोगों को अपनी रोटी के लिए कोई नया काम तलाश करना पड़ सकता है।
हरप्रीत सिंह रोमी
---------------------------------------
सरकार हर समस्या के लिए कोरोना की महामारी को जिम्मेदार ठहराकर अपना पल्ला झाड़ने में ही लगी है। आम लोगों को पहले ही दालों, खाद्य तेलों, रसोई गैस जैसे जरूरी सामान के बढ़े हुए मूल्यों से परेशानी थी। अब पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में आए उछाल ने उसे पूरी तरह से बेबस बना दिया है। लेकिन, सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। आज के माहौल में पेट्रोल लोगों की रोज की जरूरत बन गया है। उस पर तरह-तरह के कर लगाए जा रहे है।

राकेश गुप्ता
----------------------------------------
देश में महंगाई बेलगाम हो चुकी है। इस पर रोक लगाने की जरूरत है। सरकार अगर इसे नहीं रोकती है, तो आने वाले दिनों में स्थिति मध्यम वर्ग के लिए सबसे ज्यादा खराब होगी। क्योंकि, इस वर्ग की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। लोगों की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को तेल की बढ़ी कीमतों को तुरंत प्रभाव से नियंत्रित करने की जरूरत है। वैसे भी सरकार के पास देश के आम लोगों की आय की जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में हर वस्तु की कीमत देश के लोगों की प्रतिव्यक्ति आय के अनुसार ही सरकार को तय कर लेनी चाहिए। जहां तक तेल की कीमत की बात है, सरकार अपने करों में कटौती कर इसे आसानी से नियंत्रित कर सकती है।
अजात शत्रु शर्मा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed