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परिसीमन आयोग के कार्यालय पहुंचा शिष्टमंडल
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बिलावर। उपमंडल बिलावर की नजोत पंचायत के लोगों ने परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में उनकी पंचायत को बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने पर आपत्ति जताई है। बिलावर विधानसभा क्षेत्र में रहे इलाके को बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने के विरोध को लेकर पंचायत के अदालती कमेटी के चेयरमैन चौधरी मोहम्मद सादीक के नेतृत्व में शिष्टमंडल परिसीमन आयोग के कार्यालय पहुंचा है।
शिष्टमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि वह कई सालों से बिलावर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिया है जो सही नहीं है। उन्होंने बताया केवल 10 किमी की दूरी का सफर तय करने के बाद लोग पैदल रास्ते बिलावर पहुंच जाते हैं। उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी पंचायत को लगभग 150 किमी दूरी पर स्थित बनी के साथ जोड़ा गया है। शिष्टमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि उनकी राय लिए बगैर उन्हें बिलावर विधानसभा क्षेत्र से हटाकर बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ा गया है जो इलाके से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पंचायत को दोबारा बिलावर विधानसभा क्षेत्र में नहीं जोड़ा गया तो लोग सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करेंगे और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। चुनावों का बहिष्कार करेंगे और पंचायत का कोई भी मतदाता किसी भी चुनाव में वोट नहीं करेगा। शिष्टमंडल में पहुंचे लोगों ने परिसीमन आयोग से मांग की है कि नजोत पंचायत को बिलावर विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जोड़ा जाए, अगर सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती तो लोग सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करेंगे। शिष्टमंडल में रफीक अहमद, बाबू दीन आदि रहे।
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शिष्टमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि वह कई सालों से बिलावर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिया है जो सही नहीं है। उन्होंने बताया केवल 10 किमी की दूरी का सफर तय करने के बाद लोग पैदल रास्ते बिलावर पहुंच जाते हैं। उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी पंचायत को लगभग 150 किमी दूरी पर स्थित बनी के साथ जोड़ा गया है। शिष्टमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि उनकी राय लिए बगैर उन्हें बिलावर विधानसभा क्षेत्र से हटाकर बनी विधानसभा क्षेत्र से जोड़ा गया है जो इलाके से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पंचायत को दोबारा बिलावर विधानसभा क्षेत्र में नहीं जोड़ा गया तो लोग सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करेंगे और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। चुनावों का बहिष्कार करेंगे और पंचायत का कोई भी मतदाता किसी भी चुनाव में वोट नहीं करेगा। शिष्टमंडल में पहुंचे लोगों ने परिसीमन आयोग से मांग की है कि नजोत पंचायत को बिलावर विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जोड़ा जाए, अगर सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती तो लोग सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करेंगे। शिष्टमंडल में रफीक अहमद, बाबू दीन आदि रहे।
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