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Kathua News: हीमोफीलिया के नौ मामले जम्मू में पंजीकृत
Thu, 17 Apr 2025 02:02 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 17 Apr 2025 02:02 AM IST
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जीएमसी कठुआ में बनाया गया हीमोफीलिया एंड थैलेसीमिया सेंटर। संवाद
- फोटो : kathua
जीएमसी कठुआ में हीमोफीलिया का इलाज और इससे जूझ रहे मरीजों की देखभाल संभव
कठुआ। जीएमसी कठुआ में हीमोफीलिया का इलाज और इससे जूझ रहे मरीजों की देखभाल संभव हो गई है। जीएमसी कठुआ में डे केयर हीमोफीलिया सेंटर विकसित करने के साथ ही दवाएं इसी महीने से उपलब्ध हो गई हैं। कठुआ जिले से हीमोफीलिया के कुल नौ मरीज जम्मू में पंजीकृत हैं, जिनके लिए यहीं अब दवाएं पाना संभव हो गया है। एक से दो मरीज ने पिछले दस दिन के भीतर ही इलाज लेना शुरू भी कर दिया है।
जीएमसी प्रबंधन को जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई एसोसिएशन की ओर से इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए इलाज के लिए फैक्टर आठ उपलब्ध करवा दिया गया है। जिसके बाद अब यहीं उपचार संभव हो जाएगी। बीमारी के बारे में जागरूकता से सही समय पर अन्य लोगों को भी उपचार यहीं जीएमसी कठुआ में मिल सकेगा। आने वाले समय में फैक्टर नौ के भी उपलब्ध होने की उम्मीद है। संवाद
हीमोफिलिया अनुवांशिक बीमारी है। यह आंतरिक व बाहरी रक्त स्राव के कारण होती है। खून में प्रोटीन के 13 फैक्टर होते हैं। फैक्टर आठ व फैक्टर नौ की कमी से खून जम नहीं पाता। एक रक्त प्रोटीन की कमी होती है, जिसे क्लाटिग फैक्टर कहा जाता है। इसकी विशेषता है कि यह बहते हुए रक्त के थक्के जमाकर उसका बहना रोकता है।
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डॉ. सुरेंद्र कुमार अत्री, जीएमसी प्रिंसिपल
इंजेक्शन व दवाई का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए दवाई व इंजेक्शन का पर्याप्त स्टाॅक उपलब्ध है। जैसे-जैसे मरीजों की रजिस्ट्रेशन होगी, इंजेक्शन और दवा की डिमांड भेजकर मंगवाई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर कोई थैलेसीमिया और हीमोफिलिया से ग्रस्त है तो वह जीएमसी अस्पताल में संपर्क कर सकता है।
15 से 20 हजार का टीका मुफ्त में लगेगा
हीमोफीलिया फैक्टर आठ और नौ के मरीजों के लिए फ्री इंजेक्शन और थैलेसीमिया वाले मरीजों के लिए महंगी दवाएं कैल्फर और डैजीरोक्स फ्री मुहैया करवाई गई हैं, जिससे हीमोफीलिया और थैलेसिमिया वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है। हीमोफिलिया वाले मरीजों के लिए प्राइवेट में यह इंजेक्शन 15 से 20 हजार रुपये का लगता है और इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज को पहले ही संबंधित अस्पताल को जानकारी देने के बाद ही उपलब्ध होता है। जीएमसी में महज 10 रुपये की पर्ची कटवाकर लगवाया जा सकेगा।
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कठुआ। जीएमसी कठुआ में हीमोफीलिया का इलाज और इससे जूझ रहे मरीजों की देखभाल संभव हो गई है। जीएमसी कठुआ में डे केयर हीमोफीलिया सेंटर विकसित करने के साथ ही दवाएं इसी महीने से उपलब्ध हो गई हैं। कठुआ जिले से हीमोफीलिया के कुल नौ मरीज जम्मू में पंजीकृत हैं, जिनके लिए यहीं अब दवाएं पाना संभव हो गया है। एक से दो मरीज ने पिछले दस दिन के भीतर ही इलाज लेना शुरू भी कर दिया है।
जीएमसी प्रबंधन को जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई एसोसिएशन की ओर से इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए इलाज के लिए फैक्टर आठ उपलब्ध करवा दिया गया है। जिसके बाद अब यहीं उपचार संभव हो जाएगी। बीमारी के बारे में जागरूकता से सही समय पर अन्य लोगों को भी उपचार यहीं जीएमसी कठुआ में मिल सकेगा। आने वाले समय में फैक्टर नौ के भी उपलब्ध होने की उम्मीद है। संवाद
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हीमोफिलिया अनुवांशिक बीमारी है। यह आंतरिक व बाहरी रक्त स्राव के कारण होती है। खून में प्रोटीन के 13 फैक्टर होते हैं। फैक्टर आठ व फैक्टर नौ की कमी से खून जम नहीं पाता। एक रक्त प्रोटीन की कमी होती है, जिसे क्लाटिग फैक्टर कहा जाता है। इसकी विशेषता है कि यह बहते हुए रक्त के थक्के जमाकर उसका बहना रोकता है।
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डॉ. सुरेंद्र कुमार अत्री, जीएमसी प्रिंसिपल
इंजेक्शन व दवाई का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए दवाई व इंजेक्शन का पर्याप्त स्टाॅक उपलब्ध है। जैसे-जैसे मरीजों की रजिस्ट्रेशन होगी, इंजेक्शन और दवा की डिमांड भेजकर मंगवाई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर कोई थैलेसीमिया और हीमोफिलिया से ग्रस्त है तो वह जीएमसी अस्पताल में संपर्क कर सकता है।
15 से 20 हजार का टीका मुफ्त में लगेगा
हीमोफीलिया फैक्टर आठ और नौ के मरीजों के लिए फ्री इंजेक्शन और थैलेसीमिया वाले मरीजों के लिए महंगी दवाएं कैल्फर और डैजीरोक्स फ्री मुहैया करवाई गई हैं, जिससे हीमोफीलिया और थैलेसिमिया वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है। हीमोफिलिया वाले मरीजों के लिए प्राइवेट में यह इंजेक्शन 15 से 20 हजार रुपये का लगता है और इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज को पहले ही संबंधित अस्पताल को जानकारी देने के बाद ही उपलब्ध होता है। जीएमसी में महज 10 रुपये की पर्ची कटवाकर लगवाया जा सकेगा।