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माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की भक्तों ने की आराधना
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कठुआ। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन जिले भर के देवी मंदिरों में माता ब्रह्मचारिणी स्वरूप की आराधना की गई। इस दौरान मंदिरों में दर्शन के लिए आने भक्तों की भारी भीड़ रही। मंगलवार सुबह शुरू हुआ माता के दर्शन करने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
जानकारी के अनुसार जिला के प्रमुख मंदिरों में ही करीब 29 हजार से अधिक भक्तों से माता के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जिले के पहाड़ी उपमंडल बनी के जोड़ेया माता और दौले माता के दरबार में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस दौरान जहां युवा भक्तों ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए अपनी आस्था जताई। वहीं, अन्य हाथ में धूप-बत्ती लिए भक्त मां की भक्ति में लीन रहे।
बिलावर में माता सुकराला मंदिर में सबसे अधिक भक्तों ने दर्शन किए। शाम पांच बजे तक करीब 12 हजार भक्तों ने माता के दर्शन कर लिए थे। माता बाला सुंदरी मंदिर में भी 5 हजार से अधिक भक्तों से माता के दर्शन किए। दिनभर में करीब तीन हजार भक्तों ने माता के दर्शन किया। जसरोटा माता काली मंदिर में भी भक्तों की संख्या पहले दिन के मुकाबले अधिक रही, जहां करीब चार हजार भक्तों ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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नवरात्रि पर्व पर विभिन्न मंदिरों में भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं, इस दौरान कई स्थानों पर रात के समय भक्तों द्वारा महमाई के जागरण का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों से शामिल होकर महामाई का गुणगान किया।
दर्शन के लिए लगी रहीं कतारें
दूसरे नवरात्रि पर जिले के देवी मंदिरों में माता के भक्तों की लंबी कतार लगी रही। सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ शुरू हुआ सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। बिलावर स्थित सुकराला माता मंदिर में लगी लंबी लाइन में खड़े माता के भक्त जयकारे लगाकर माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। माता के दर्शन करने की लालसा भक्तों में इतनी प्रबल थी कि लंबी कतार होने के बाद भी दर्शन किए बिना कोई नहीं लौटा। ऐसा ही नजारा जसरोटा स्थित काली माता के दरबार और बाला सुंदरी के भवन में देखने को मिला।
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जानकारी के अनुसार जिला के प्रमुख मंदिरों में ही करीब 29 हजार से अधिक भक्तों से माता के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जिले के पहाड़ी उपमंडल बनी के जोड़ेया माता और दौले माता के दरबार में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस दौरान जहां युवा भक्तों ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए अपनी आस्था जताई। वहीं, अन्य हाथ में धूप-बत्ती लिए भक्त मां की भक्ति में लीन रहे।
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बिलावर में माता सुकराला मंदिर में सबसे अधिक भक्तों ने दर्शन किए। शाम पांच बजे तक करीब 12 हजार भक्तों ने माता के दर्शन कर लिए थे। माता बाला सुंदरी मंदिर में भी 5 हजार से अधिक भक्तों से माता के दर्शन किए। दिनभर में करीब तीन हजार भक्तों ने माता के दर्शन किया। जसरोटा माता काली मंदिर में भी भक्तों की संख्या पहले दिन के मुकाबले अधिक रही, जहां करीब चार हजार भक्तों ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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नवरात्रि पर्व पर विभिन्न मंदिरों में भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं, इस दौरान कई स्थानों पर रात के समय भक्तों द्वारा महमाई के जागरण का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों से शामिल होकर महामाई का गुणगान किया।
दर्शन के लिए लगी रहीं कतारें
दूसरे नवरात्रि पर जिले के देवी मंदिरों में माता के भक्तों की लंबी कतार लगी रही। सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ शुरू हुआ सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। बिलावर स्थित सुकराला माता मंदिर में लगी लंबी लाइन में खड़े माता के भक्त जयकारे लगाकर माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। माता के दर्शन करने की लालसा भक्तों में इतनी प्रबल थी कि लंबी कतार होने के बाद भी दर्शन किए बिना कोई नहीं लौटा। ऐसा ही नजारा जसरोटा स्थित काली माता के दरबार और बाला सुंदरी के भवन में देखने को मिला।