{"_id":"616338578ebc3e628c15e103","slug":"navratr-kathua-news-jmu2455147190","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र के चौथे दिन जिला के देवी मंदिरों में मां के कुष्माण्डा स्वरूप की आराधना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र के चौथे दिन जिला के देवी मंदिरों में मां के कुष्माण्डा स्वरूप की आराधना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। शारदीय नवरात्र के चलते मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का क्रम लगातार जारी है। रविवार को जिले के देवी मंदिरों में स्कंदमाता की आराधना हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं की आमद में काफी इजाफा देखा गया।
सबसे ज्यादा भीड़ जसरोटा स्थित काली माता मंदिर में देखी गई। इसके अलावा नगरी स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, बिलावर के सुकराला माता मंदिर, बाला सुंदरी सुंदरी कोट मंदिर, शहर के मुख्य बाजार स्थित माता आशापूर्णी मंदिर, हीरानगर के किले वाली माता मंदिर, बसोहली के चामुंडा माता मंदिर व चंचलो माता मंदिर, बनी के जोड़ेयां माता मंदिर, शक्ति माता और दौले माता के मंदिरों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में माता के भक्तों का उत्साह देख मंदिर कमेटियों में भी काफी जोश रहा। वह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए दिनभर आतुर दिखे। जसरोटा स्थित काली माता मंदिर कमेटी के उपप्रधान यशपाल शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण मंदिर के अंदर लगने वाला भंडारा आयोजित नहीं हुआ है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या मंदिर कमेटी के सदस्यों को प्रोत्साहित कर रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ-साथ उन्हें मास्क पहनना अनिवार्य रखा गया है। अगर किसी भक्तों के पास मास्क नहीं है तो कमेटी उसे उपलब्ध करा रही है। ताकि, लगभग कोरोना से मुक्त हो चुके जिले में दोबारा संक्रमण बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को कोविड नियमों का पालन करने की अपील की है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा भीड़ जसरोटा स्थित काली माता मंदिर में देखी गई। इसके अलावा नगरी स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, बिलावर के सुकराला माता मंदिर, बाला सुंदरी सुंदरी कोट मंदिर, शहर के मुख्य बाजार स्थित माता आशापूर्णी मंदिर, हीरानगर के किले वाली माता मंदिर, बसोहली के चामुंडा माता मंदिर व चंचलो माता मंदिर, बनी के जोड़ेयां माता मंदिर, शक्ति माता और दौले माता के मंदिरों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
विज्ञापन
दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में माता के भक्तों का उत्साह देख मंदिर कमेटियों में भी काफी जोश रहा। वह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए दिनभर आतुर दिखे। जसरोटा स्थित काली माता मंदिर कमेटी के उपप्रधान यशपाल शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण मंदिर के अंदर लगने वाला भंडारा आयोजित नहीं हुआ है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या मंदिर कमेटी के सदस्यों को प्रोत्साहित कर रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ-साथ उन्हें मास्क पहनना अनिवार्य रखा गया है। अगर किसी भक्तों के पास मास्क नहीं है तो कमेटी उसे उपलब्ध करा रही है। ताकि, लगभग कोरोना से मुक्त हो चुके जिले में दोबारा संक्रमण बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को कोविड नियमों का पालन करने की अपील की है।