{"_id":"61609fdb8ebc3e0c52473bc5","slug":"navratr-kathua-news-jmu245388889","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे नवरात्र पर जोड़ेयां माता के दर पर उमड़े भारी संख्या में भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे नवरात्र पर जोड़ेयां माता के दर पर उमड़े भारी संख्या में भक्त
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कठुआ। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी के दर्शनों के लिए जिले भर के मदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पहाड़ी इलाका बनी के मां जोड़ेयां और दौले माता के दरबार में शुक्रवार को श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
हाथ में धूपबत्ती लिए भक्त मां की भक्ति में लीन दिखे। दिन भर रुक रुक कर यात्री माता के भवन पर पहुंचते रहे। जिले में सबसे अधिक लगभग ढाई हजार भक्तों ने शुक्रवार को जोड़ेयां माता के दरबार पर शीश झुकाया। ऐतिहासिक बाला सुंदरी मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला दिन भर जारी रहा। कोरोना महामारी के चलते मंदिरों में कतारों में भी कोविड गाइडलाइंन का पालन करवाया जा रहा है।
वीरवार रात से भी माता जोड़ेयां के भवन पहुंचे भक्तों ने सुबह पहली किरण के साथ दरबार पहुंची माता की निशान यात्रा का स्वागत किया। जिसके बाद कतारबद्ध होकर भक्तों ने माता के दर्शन किया। शुक्रवार की सुबह हाथ में प्रसाद, धूप और मां की चुनरी लिए भक्त मां शीतला के दर्शनों को आतुर दिखे। दन्नी से माता की यात्रा पहुंचने के साथ ही मंदिर परिसर मां शीतला के जयकारों से गूंज उठा।
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ऐसा ही माहौल दौले माता मंदिर में भी दिखा। दोपहर तक एक एक कर भक्त मंदिर में पहुंचते रहे। शाम को एक बार फिर भक्तों की संख्या बढ़ना शुरू हो गई। शुक्रवार को सुकराला माता के दर में 1250, बालासुंदरी बिलावर मंदिर में 550, महाकाली मंदिर जसरोटा में 12 सौ, बालासुंदरी माता नगरी में एक हजार, दौला माता मंदिर में पांच सौ और काली माता मंदिर जांडी में 13 सौ भक्तों ने हाजिरी लगाई।
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हाथ में धूपबत्ती लिए भक्त मां की भक्ति में लीन दिखे। दिन भर रुक रुक कर यात्री माता के भवन पर पहुंचते रहे। जिले में सबसे अधिक लगभग ढाई हजार भक्तों ने शुक्रवार को जोड़ेयां माता के दरबार पर शीश झुकाया। ऐतिहासिक बाला सुंदरी मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला दिन भर जारी रहा। कोरोना महामारी के चलते मंदिरों में कतारों में भी कोविड गाइडलाइंन का पालन करवाया जा रहा है।
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वीरवार रात से भी माता जोड़ेयां के भवन पहुंचे भक्तों ने सुबह पहली किरण के साथ दरबार पहुंची माता की निशान यात्रा का स्वागत किया। जिसके बाद कतारबद्ध होकर भक्तों ने माता के दर्शन किया। शुक्रवार की सुबह हाथ में प्रसाद, धूप और मां की चुनरी लिए भक्त मां शीतला के दर्शनों को आतुर दिखे। दन्नी से माता की यात्रा पहुंचने के साथ ही मंदिर परिसर मां शीतला के जयकारों से गूंज उठा।
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ऐसा ही माहौल दौले माता मंदिर में भी दिखा। दोपहर तक एक एक कर भक्त मंदिर में पहुंचते रहे। शाम को एक बार फिर भक्तों की संख्या बढ़ना शुरू हो गई। शुक्रवार को सुकराला माता के दर में 1250, बालासुंदरी बिलावर मंदिर में 550, महाकाली मंदिर जसरोटा में 12 सौ, बालासुंदरी माता नगरी में एक हजार, दौला माता मंदिर में पांच सौ और काली माता मंदिर जांडी में 13 सौ भक्तों ने हाजिरी लगाई।