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जनता दरबार में जनता ही गायब
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
Updated Mon, 30 May 2016 12:05 AM IST
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जनता दरबार में मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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पीएचई मंत्री एवं कठुआ जिला विकास बोर्ड के चेयरमैन शामलाल चौधरी के जनता दरबार में रविवार को जनता ही नहीं पहुंची। 250 कुर्सियों में से अधिकांश खाली रहीं। जनता के नाम पर दरबार में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारी ही नजर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा।
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मंत्री का यह दरबार नेशनल फिश सीड फार्म परिसर में लगाया गया था। मंत्री की मौजूदगी में जनता जनार्दन की गैर मौजूदगी आयोजकों को अनचाहे माहौल का अहसास करवाती रही।
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इस बीच, जब गिने चुने लोगों ने अपनी समस्याएं रखने का प्रयास किया भी तो मंत्री ने उन्हें लिखित में दर्ज कराने की बात कहकर टाल दिया। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दबी जुबान में तर्क दिया कि जनता के दरबार का आयोजन शॉर्ट नोटिस पर किया गया था।
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इस पर जब भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रेमनाथ डोगरा से पार्टी की ओर से अधिकृत प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि जनता दरबार के बारे में एक दिन पहले ही योजना बनी थी, जिसकी जानकारी लोगाें तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। बहरहाल, उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ साथ आम लोग भी दरबार में शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने कंडी क्षेत्र की उठाईं समस्याएं : जनता दरबार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि कंडी क्षेत्र में लोगों को पानी की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई नियमित तरीके से नहीं की जाती है।
जब विभाग के पास शिकायत लेकर जाओ तो कभी मोटर तो कभी ट्यूबवेल खराब होने की बात कही जाती है। इस मामले में मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। इस पर विभागीय अधिकारियों ने फंड की कमी बताई, जिसके कारण समस्या हल नहीं हो पा रही है। पीएचई मंत्री ने कहा कि फंड की चिंता न कर समस्या का समाधान किया जाए।
अधिकारियों को मंत्री ने दी अंतिम चेतावनी : गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या हल नहीं कर सकने वाले अधिकारियों को पीएचई मंत्री ने अंतिम चेतावनी दी है। जिला उपायुक्त को अगले सात दिनों तक स्थायी कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी लेने के बाद रिकार्ड उन्हें देने के निर्देश भी दिए हैं।
मंत्री ने साफ कहा कि जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके साथ सरकार अपने तरीके से निपटेगी लेकिन जो अस्थायी कर्मचारी है और ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, उन्हें अब हर हाल में ड्यूटी पर आना होगा। अगर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की शिकायत मिलती है तो उसे अटैच कर दिया जाएगा।
अलादीन का चिराग नहीं है पेयजल मंत्री के पास : पेयजल समस्या के एक सवाल पर पेयजल मंत्री ने कहा कि उनके पास कोई अलादीन का चिराग नहीं है। समस्या दूर करने में समय लगेगा और इसके लिए लोगों को संयम बनाए रखना होगा। घाटी में पानी पीने से बच्चों के बीमार होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर जगह स्वच्छ पानी है या नहीं, इसका रिकार्ड रख पाना संभव नहीं है। फिर भी वह साफ पानी मुहैया कराने का प्रयास कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उनके पास अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।