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शहीद यशपाल को याद किया
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:29 AM IST
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श्रद्धांजलि
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बिलावर के अमर शहीद सिपाही यशपाल का 16वां शहीदी दिवस बुधवार को शहीदी चौक देबल में मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता तहसीलदार विश्वजीत सिंह ने की, जबकि संत बाल योगेश्वर महाराज मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सरपंचों, पंचों सहित शहीद के परिवार के सदस्यों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
आईआरपी के सिपाही शहीद यशपाल देबल गांव के निवासी छत्तोराम के इकलौते पुत्र थे, जो आज से 16 साल पहले 16 नवंबर 2000 को आतंकवादियों के साथ लोहा लेते हुए टनमर्ग में शहीद हो गए थे।
उनकी याद में उनके परिवार ने बिलावर-फिंतर मार्ग स्थित शहीदी चौक पर स्मारक का निर्माण करवाया है। यहां हर साल 16 नवंबर को श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन कर उन्हें याद किया जाता है। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि संत बाल योगेश्वर महाराज और तहसीलदार विश्वजीत सिंह ने युवाओं से कहा कि वह देश की रक्षा के लिए आगे आएं।
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उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने जन्म लिया है, उसे एक दिन मरना ही है। लेकिन, जो लोग देश के लिए शहीद होते हैं, वह हमेशा याद किए जाते हैं।
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आईआरपी के सिपाही शहीद यशपाल देबल गांव के निवासी छत्तोराम के इकलौते पुत्र थे, जो आज से 16 साल पहले 16 नवंबर 2000 को आतंकवादियों के साथ लोहा लेते हुए टनमर्ग में शहीद हो गए थे।
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उनकी याद में उनके परिवार ने बिलावर-फिंतर मार्ग स्थित शहीदी चौक पर स्मारक का निर्माण करवाया है। यहां हर साल 16 नवंबर को श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन कर उन्हें याद किया जाता है। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि संत बाल योगेश्वर महाराज और तहसीलदार विश्वजीत सिंह ने युवाओं से कहा कि वह देश की रक्षा के लिए आगे आएं।
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उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने जन्म लिया है, उसे एक दिन मरना ही है। लेकिन, जो लोग देश के लिए शहीद होते हैं, वह हमेशा याद किए जाते हैं।