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जमीन अलाट की गई, पर मिली नहीं

Tue, 07 Jun 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ Updated Tue, 07 Jun 2016 12:23 AM IST
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land allotted but not found
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के विरोध में उतरते हुए बीस पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। - फोटो : Demo pic

वर्ष 2012 में आर्थिक रूप से कमजोर भूमिहीन 58 परिवारों को अलाट भूमि पर गुज्जरों ने कब्जा कर लिया है। इससे परेशान परिवारों ने सोमवार को जिला सचिवालय में प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण तीन साल बाद भी वह भूमिहीन ही हैं। अधिकारियों से कब्जा हटाने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन किसी ने भी गंभीर प्रयास नहीं किए। प्
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रदर्शनकारियों में शामिल प्रेम नाथ डोगरा ने कहा कि तीन वर्षों से ये परिवार अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसी ने आज तक इनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि तरफ मंझली में अलाट की गई भूमि पर गुज्जरों ने कब्जा किया हुआ है।
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जब भी इस संबंध में प्रशासन से बात की जाती हैं तो उन्हें अगले दिन कार्रवाई की बात की जाती है। वहीं, सरकार अपनी ओर से भूमि अलाट करने की बात कहकर मामला टाल देती है।

शाम लाल, महेंद्र कुमार, मोहन लाल आदि ने कहा कि वह अपनी भूमि पर जब भी कब्जा हटाने की बात गुज्जरों से करते हैं तो वहां से एक ही जवाब मिलता है कि अगर उनके पास सरकार या फिर प्रशासन का कोई दस्तावेज है तो वह दिखाएं।


अफसोस इस बात का है कि वर्ष 2012 में अलाट भूमि का कब्जा अभी तक नहीं दिया गया है। खसरा नंबर और अन्य कार्रवाई तक प्रशासन ने नहीं की। मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र रुख अपनाया जाएगा।

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