{"_id":"bce9521e889c8f9ccc41a20609124025","slug":"labour-protest-in-kathua-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिरासत में मजदूरों की पिटाई पर फूटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिरासत में मजदूरों की पिटाई पर फूटा गुस्सा
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन फरवरी की रात महरोली से सटे एक कारखाने में चोरी के मामले में पुलिस पर मजदूरों ने बर्बरता बरतने का आरोप लगाया है। रविवार को बड़ी संख्या में कारखाने के मजदूरों ने इस मामले में हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
रविवार को औद्योगिक इकाई के बाहर प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में मजदूरों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से लगातार कारखाने में काम करने वाले मजदूरों को परेशान किया जा रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में शामिल शीतल कुमार ने कहा कि मामला पूछताछ तक था तो कर्मचारी और श्रमिक भी सहयोग कर रहे थे, लेकिन शनिवार रात दो मजदूरों को पुलिस उठाकर ले गई और थाने में उनकी जमकर पिटाई की गई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शक के आधार पर इस तरह उठाकर ले जाना और मारपीट कर जबरन गुनाह कबूल करवाना कानून का उल्लंघन है।
प्रदर्शन में शामिल आनंद शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्यों से काम करने के लिए कारखाने में आए मजदूरों के प्रति पुलिस का रवैया तानाशाही से भरा हुआ है। हैरानी इस बात की है कि कारखाना प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों को लखनपुर थाना प्रभारी ने समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस कार्रवाई की उच्च अधिकारी जांच करें और थाना प्रभारी के खिलाफ बर्बरता अपनाने के लिए कार्रवाई की जाए। घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज करवाया गया। घायलों में कालूराम और अखिलेश उत्तर प्रदेश के निवासी बताए गए हैं।
कारखाना प्रबंधन ने साफ किया है कि उनकी ओर से चोरी की शिकायत पुलिस को दर्ज करवाई गई थी ऐसे में पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि कारखाने से चौदह लाख की चोरी हुई जो बड़ा मामला है। हालांकि किसी भी कर्मचारी या श्रमिक का वेतन नहीं रोका गया है।
विज्ञापन
रविवार को औद्योगिक इकाई के बाहर प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में मजदूरों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से लगातार कारखाने में काम करने वाले मजदूरों को परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में शामिल शीतल कुमार ने कहा कि मामला पूछताछ तक था तो कर्मचारी और श्रमिक भी सहयोग कर रहे थे, लेकिन शनिवार रात दो मजदूरों को पुलिस उठाकर ले गई और थाने में उनकी जमकर पिटाई की गई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शक के आधार पर इस तरह उठाकर ले जाना और मारपीट कर जबरन गुनाह कबूल करवाना कानून का उल्लंघन है।
प्रदर्शन में शामिल आनंद शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्यों से काम करने के लिए कारखाने में आए मजदूरों के प्रति पुलिस का रवैया तानाशाही से भरा हुआ है। हैरानी इस बात की है कि कारखाना प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों को लखनपुर थाना प्रभारी ने समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस कार्रवाई की उच्च अधिकारी जांच करें और थाना प्रभारी के खिलाफ बर्बरता अपनाने के लिए कार्रवाई की जाए। घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज करवाया गया। घायलों में कालूराम और अखिलेश उत्तर प्रदेश के निवासी बताए गए हैं।
कारखाना प्रबंधन ने साफ किया है कि उनकी ओर से चोरी की शिकायत पुलिस को दर्ज करवाई गई थी ऐसे में पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि कारखाने से चौदह लाख की चोरी हुई जो बड़ा मामला है। हालांकि किसी भी कर्मचारी या श्रमिक का वेतन नहीं रोका गया है।