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Kathua News: जेजेएम योजना के तहत देनदारी का निपटारा न होने पर ठेकेदारों ने किया प्रदर्शन
Tue, 03 Mar 2026 02:28 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 03 Mar 2026 02:28 AM IST
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22 महीने से ठेकेदारों का 90 करोड़ रुपये बकाया, धरना-प्रदर्शन कर भुगतान जारी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत लंबित भुगतान को लेकर जिले के ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले 22 महीने से जिले में करीब 90 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया पड़ी है। ठेकेदार बैंकों से ली गई उधार की राशि के बोझ के नीचे दब चुका है। लाखों रुपये की राशि उनको हर माह ब्याज के रूप में बैंकों को चुकानी पड़ रही है।
जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने कहा कि उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव-गांव में पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े 80 फीसदी कार्य पूरे कर लिए हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग ने 22 महीनों से लंबित भुगतान नहीं किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ठेकेदार और पूर्व सरपंच पंचायत बरवाल के पुरुषोत्तम सिंह ने आरोप लगाया कि दो सालों से लगातार जिले के सभी विधायकों से मिलकर सरकार से भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने के बाद विधानसभा की ओर से जेजेएम कार्यों की जांच को लेकर एक कमेटी गठित की गई थी। इसकी रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर आ चुकी है लेकिन फिर भी ठेकेदारों के लंबित भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान में देरी होने से योजना के तहत शेष कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं और पेयजल लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने विधायकों को उनकी आवाज विधानसभा में न उठाने पर आड़े हाथों लिया है।
ठेकेदार साहब सिंह ने आरोप लगाया कि गांवों में पेयजल की आपूर्ति करने के लिए पहले से स्थापित बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तहस-नहस हो चुका है और नए ढांचा राशि के अभाव में पूरा नहीं हो सका है। इससे गांवों में पानी को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय लोग आए दिन सड़कों पर उतरकर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग है कि इस पर चुप बैठा हुआ है। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार ने जल्द देनदारी का भुगतान नहीं किया तो वे डिवीजन स्तर जम्मू में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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जीआई पाइप की जगह एचडीपी पाइप लगाने का मामला
प्रदर्शनकारी ठेकेदारों का आरोप है कि सरकार ने योजना के तहत लोहे की जीआई पाइप की जगह एचडीपी पाइप लगाने के लिए विधानसभा में एक कमेटी गठित की गई थी जिसकी रिपोर्ट अब आ चुकी है। अगर कहीं पर भ्रष्टाचार या अनियमितताएं सामने आई हैं तो इसके लिए ठेकेदार कैसे जिम्मेदार है यह उनकी समझ के बाहर है। ठेकेदारों ने उन्हीं पाइपों को बिछाया जो संबंधित विभाग ने उनको लगाने को कहा था। लिहाजा सरकार को जल्द से जल्द लंबित भुगतान जारी कर शेष जेजेएम कार्यों को पूरा करवाना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत लंबित भुगतान को लेकर जिले के ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले 22 महीने से जिले में करीब 90 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया पड़ी है। ठेकेदार बैंकों से ली गई उधार की राशि के बोझ के नीचे दब चुका है। लाखों रुपये की राशि उनको हर माह ब्याज के रूप में बैंकों को चुकानी पड़ रही है।
जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने कहा कि उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव-गांव में पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े 80 फीसदी कार्य पूरे कर लिए हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग ने 22 महीनों से लंबित भुगतान नहीं किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ठेकेदार और पूर्व सरपंच पंचायत बरवाल के पुरुषोत्तम सिंह ने आरोप लगाया कि दो सालों से लगातार जिले के सभी विधायकों से मिलकर सरकार से भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने के बाद विधानसभा की ओर से जेजेएम कार्यों की जांच को लेकर एक कमेटी गठित की गई थी। इसकी रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर आ चुकी है लेकिन फिर भी ठेकेदारों के लंबित भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान में देरी होने से योजना के तहत शेष कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं और पेयजल लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने विधायकों को उनकी आवाज विधानसभा में न उठाने पर आड़े हाथों लिया है।
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ठेकेदार साहब सिंह ने आरोप लगाया कि गांवों में पेयजल की आपूर्ति करने के लिए पहले से स्थापित बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तहस-नहस हो चुका है और नए ढांचा राशि के अभाव में पूरा नहीं हो सका है। इससे गांवों में पानी को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय लोग आए दिन सड़कों पर उतरकर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं लेकिन संबंधित विभाग है कि इस पर चुप बैठा हुआ है। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार ने जल्द देनदारी का भुगतान नहीं किया तो वे डिवीजन स्तर जम्मू में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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जीआई पाइप की जगह एचडीपी पाइप लगाने का मामला
प्रदर्शनकारी ठेकेदारों का आरोप है कि सरकार ने योजना के तहत लोहे की जीआई पाइप की जगह एचडीपी पाइप लगाने के लिए विधानसभा में एक कमेटी गठित की गई थी जिसकी रिपोर्ट अब आ चुकी है। अगर कहीं पर भ्रष्टाचार या अनियमितताएं सामने आई हैं तो इसके लिए ठेकेदार कैसे जिम्मेदार है यह उनकी समझ के बाहर है। ठेकेदारों ने उन्हीं पाइपों को बिछाया जो संबंधित विभाग ने उनको लगाने को कहा था। लिहाजा सरकार को जल्द से जल्द लंबित भुगतान जारी कर शेष जेजेएम कार्यों को पूरा करवाना चाहिए।