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Kathua News: पशुशाला में भड़की आग, बछड़े की झुलसकर मौत
Tue, 10 Mar 2026 02:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:22 AM IST
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हीरानगर के टोकल में आग की भेंट चढ़ी पशुशाला संवाद
कठुआ। तहसील हीरानगर के गांव टोकल में विक्रम सिंह के मवेशियों के शेड में आग लग गई। शेड के अंदर कई मवेशी बंधे हुए थे। वारदात से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
लोगों के अनुसार आग की लपटें देखते ही परिवार के लोगों ने आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू कर मवेशियों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान एक बछड़ा झुलस गया जबकि अन्य पशुओं को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची और न ही उनके वाहन में पर्याप्त पानी था। विक्रम सिंह के घर की टंकी से पानी भरकर ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। पीड़ित विक्रम सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि आग से हुए नुकसान की भरपाई की जाए, घायल पशुओं का उपचार कराया जाए और इस मामले में उचित सहायता प्रदान की जाए।
कोट
रात 10:55 बजे पीसीआर से जानकारी मिली थी। एक मिनट के भीतर ही अग्निशमन दस्ते को रवाना कर दिया गया। बड़ी गाड़ी रास्ता नहीं होने की वजह से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद छोटी गाड़ी को मौके पर बुलाया गया और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। इसमें 300 लीटर ही पानी आता है लिहाजा मौके से फिर पानी भरकर आग बुझाने का काम पूरा किया गया। एक बछड़े की झुलसने से मौत हो गई। गायों को सुरक्षित वाहन निकाल लिया गया था।
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- रोम लाल, अधिकारी अग्निशमन विभाग
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लोगों के अनुसार आग की लपटें देखते ही परिवार के लोगों ने आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू कर मवेशियों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान एक बछड़ा झुलस गया जबकि अन्य पशुओं को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची और न ही उनके वाहन में पर्याप्त पानी था। विक्रम सिंह के घर की टंकी से पानी भरकर ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। पीड़ित विक्रम सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि आग से हुए नुकसान की भरपाई की जाए, घायल पशुओं का उपचार कराया जाए और इस मामले में उचित सहायता प्रदान की जाए।
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रात 10:55 बजे पीसीआर से जानकारी मिली थी। एक मिनट के भीतर ही अग्निशमन दस्ते को रवाना कर दिया गया। बड़ी गाड़ी रास्ता नहीं होने की वजह से मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद छोटी गाड़ी को मौके पर बुलाया गया और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। इसमें 300 लीटर ही पानी आता है लिहाजा मौके से फिर पानी भरकर आग बुझाने का काम पूरा किया गया। एक बछड़े की झुलसने से मौत हो गई। गायों को सुरक्षित वाहन निकाल लिया गया था।
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- रोम लाल, अधिकारी अग्निशमन विभाग