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Kathua News: नहरों में सफाई का काम पूरा, दो अप्रैल को छोड़ा जाएगा पानी
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कठुआ नहर में की गई सफाई।
- फोटो : kathua news
कठुआ। कठुआ नहर समेत जिले की तमाम नहरों व कूहलों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। दो अप्रैल से कठुआ नहर सहित अन्य सहायक नहरों व कूहलों में पानी छोड़ दिया जाएगा। इसकी तैयारियां विभाग की ओर से कर ली गई हैं। विभाग ने अब तक लगभग 90 लाख रुपये की लागत से इस साल नहरों से गाद निकालने का काम करवाया है। इसके लिए अलग-अलग फर्मों को 33 टेंडर अलॉट किए गए थे।
नहरों में पानी छोड़ने की यह प्रक्रिया हर साल की जाती है। बारिश के अभाव में किसान बार-बार सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग करते हैं। पारा चढ़ने के साथ ही इस बार पानी की मांग भी बढ़ने लगी थी। पानी छोड़ने से पूर्व नहर में जमी गाद को निकालने के लिए इस बार भी जेसीबी का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम भी किया गया। कठुआ कैनाल से एक हजार से ज्यादा किसानों को सिंचाई के लिए साल भर पानी मिलता है। इसके चलते कठुआ क्षेत्र में नहर की सिंचाई सुविधा होने से इसे कृषि के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। सबसे ज्यादा किसानों को सब्जी की सिंचाई के लिए इस समय पानी की जरूरत है। वहीं कई स्थानों पर अभी भी किसान गेहूं की फसल के लिए सिंचाई की मांग कर रहे हैं।
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8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है कठुआ नहर
जिले में छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। कठुआ शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली कठुआ नहर इनमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबी कूहलें भी जुड़ी हैं। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी जारी है।
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नहरों की सफाई के लिए 33 अलग-अलग टेंडर किए गए थे। इन पर 90 लाख रुपये के करीब खर्च आया है। दो अप्रैल से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश हुए हैं। नहरों में सफाई और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।
- राजीव शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, कठुआ
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नहरों में पानी छोड़ने की यह प्रक्रिया हर साल की जाती है। बारिश के अभाव में किसान बार-बार सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग करते हैं। पारा चढ़ने के साथ ही इस बार पानी की मांग भी बढ़ने लगी थी। पानी छोड़ने से पूर्व नहर में जमी गाद को निकालने के लिए इस बार भी जेसीबी का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम भी किया गया। कठुआ कैनाल से एक हजार से ज्यादा किसानों को सिंचाई के लिए साल भर पानी मिलता है। इसके चलते कठुआ क्षेत्र में नहर की सिंचाई सुविधा होने से इसे कृषि के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। सबसे ज्यादा किसानों को सब्जी की सिंचाई के लिए इस समय पानी की जरूरत है। वहीं कई स्थानों पर अभी भी किसान गेहूं की फसल के लिए सिंचाई की मांग कर रहे हैं।
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8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है कठुआ नहर
जिले में छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। कठुआ शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली कठुआ नहर इनमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबी कूहलें भी जुड़ी हैं। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी जारी है।
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नहरों की सफाई के लिए 33 अलग-अलग टेंडर किए गए थे। इन पर 90 लाख रुपये के करीब खर्च आया है। दो अप्रैल से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश हुए हैं। नहरों में सफाई और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।
- राजीव शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, कठुआ
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