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Kathua News: अध्ययन दौरे पर कृषि विज्ञान केंद्र, सांबा भेजे 55 किसान
Tue, 10 Mar 2026 02:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी के तहत किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला के मुख्य कृषि अधिकारी जतिंदर कुमार खजूरिया और जिला कृषि अधिकारी (विस्तार) राज सिंह सुम्बडिया ने किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 55 किसानों को एक दिवसीय अध्ययन दौरे पर कृषि विज्ञान केंद्र सांबा भेजा गया।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीज वितरण, खाद वितरण, सब्जी उत्पादन, पंचायत स्तर पर चल रहे कृषि कार्यक्रमों और नई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है ताकि वे अपनी पैदावार बढ़ा सकें और कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें। इस प्रशिक्षण से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उर्वरक प्रबंधन और फसल उत्पादन से जुड़ी नवीनतम जानकारियां दी जाएंगी।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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कठुआ। एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी के तहत किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला के मुख्य कृषि अधिकारी जतिंदर कुमार खजूरिया और जिला कृषि अधिकारी (विस्तार) राज सिंह सुम्बडिया ने किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 55 किसानों को एक दिवसीय अध्ययन दौरे पर कृषि विज्ञान केंद्र सांबा भेजा गया।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीज वितरण, खाद वितरण, सब्जी उत्पादन, पंचायत स्तर पर चल रहे कृषि कार्यक्रमों और नई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है ताकि वे अपनी पैदावार बढ़ा सकें और कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें। इस प्रशिक्षण से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उर्वरक प्रबंधन और फसल उत्पादन से जुड़ी नवीनतम जानकारियां दी जाएंगी।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएंगे।