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जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 216
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कठुआ। तापमान में गिरावट और सर्दी की हल्की दस्तक के बाद भी जिले में डेंगू का डंक बढ़ता जा रहा है। शनिवार को नौ मामले सामने आए हैं। इसके बाद जिले में डेंगू के पॉजीटिव पाए गए मरीजों का आधिकारिक आंकड़ा 216 हो गया है।
नए मामले कठुआ शहर और आसपास के इलाकों से आए हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की टीमें शनिवार को शहर के वार्ड 13, वार्ड छह और सात के साथ-साथ कालीबड़ी इलाके में एंटी लारवा स्प्रे में जुटी नजर आईं। जिले में नियमित रूप से सामने आ रहे डेंगू के मामलों ने साफ कर दिया है कि इंतजामों के अभाव में डेंगू इस बार नियंत्रण से बाहर चला गया है।
जितने लोग सरकारी आंकड़ों में डेंगू पॉजीटिव पाए गए, इससे कहीं अधिक लोग निजी लैब में जांच के दौरान पॉजीटिव पाए जा चुके हैं। कई लोगों ने पंजाब तो कई ने जम्मू के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों से उपचार लिया है। कोरोना महामारी का प्रकोप कम रहने से डेंगू को लेकर हालात इस बार इतने खराब नहीं हुए हैं।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोरोना का प्रकोप अधिक रहता, तो डेंगू कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में प्रशासन को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और ऐसे व्यवस्था की जानी चाहिए कि आने वाले वर्षों में फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
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नए मामले कठुआ शहर और आसपास के इलाकों से आए हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की टीमें शनिवार को शहर के वार्ड 13, वार्ड छह और सात के साथ-साथ कालीबड़ी इलाके में एंटी लारवा स्प्रे में जुटी नजर आईं। जिले में नियमित रूप से सामने आ रहे डेंगू के मामलों ने साफ कर दिया है कि इंतजामों के अभाव में डेंगू इस बार नियंत्रण से बाहर चला गया है।
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जितने लोग सरकारी आंकड़ों में डेंगू पॉजीटिव पाए गए, इससे कहीं अधिक लोग निजी लैब में जांच के दौरान पॉजीटिव पाए जा चुके हैं। कई लोगों ने पंजाब तो कई ने जम्मू के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों से उपचार लिया है। कोरोना महामारी का प्रकोप कम रहने से डेंगू को लेकर हालात इस बार इतने खराब नहीं हुए हैं।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोरोना का प्रकोप अधिक रहता, तो डेंगू कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में प्रशासन को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और ऐसे व्यवस्था की जानी चाहिए कि आने वाले वर्षों में फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।