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Kathua News: मछेडी के जंगलों में संदिग्धों की सूचना पर सुरक्षा बलों का सघन तलाशी अभियान, पैरा कमांडो भी उतरे मोर्चे पर
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सुरक्षाबल आतंकियों की तलाश में अभियान चलाते हुए संवाद
कठुआ जिले के बिलावर उपमंडल के मछेडी क्षेत्र में सोमवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब द्रब्बड़, सोआल इलाकों में दो हथियारबंद संदिग्धों के दिखाई देने की सूचना मिली। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमों के साथ एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। उधर दोपहर तक पैरा कमांडो भी अभियान में शामिल हो गए हैं।
तलाशी अभियान सुबह से शुरू होकर शाम 6 बजे तक लगातार जारी रहा। सुरक्षा बलों ने इलाके का चप्पा-चप्पा खंगाला और तलाशी के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया। ड्रोन कैमरों की मदद से ऊंचे और दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी की गई, वहीं खोजी कुत्तों को भी अभियान में शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान आतंकियों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए अत्यंत संवेदनशीलता के साथ चलाया गया। मछेडी से सटे घने जंगलों में पिछले कई महीनों से आतंकियों की गतिविधियां देखी गई हैं। इन जंगलों को आतंकियों ने शरणस्थली बना रखा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी संदर्भ में इस बार तलाशी अभियान में पैरा कमांडो को भी शामिल किया गया है, जो विशेष प्रशिक्षण प्राप्त बल हैं और कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाने में दक्ष माने जाते हैं।
संदिग्धों की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। मुख्य मार्गों के साथ-साथ लिंक मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने वाले नदी-नालों के रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति भाग न सके। इलाके में आने-जाने वाले हर अनजान व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और उनकी पहचान की पुष्टि की जा रही है। पिछले डेढ़ साल में उपमंडल के विभिन्न इलाकों में आतंकवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा की भावना गहराई है।
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तलाशी अभियान सुबह से शुरू होकर शाम 6 बजे तक लगातार जारी रहा। सुरक्षा बलों ने इलाके का चप्पा-चप्पा खंगाला और तलाशी के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया। ड्रोन कैमरों की मदद से ऊंचे और दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी की गई, वहीं खोजी कुत्तों को भी अभियान में शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान आतंकियों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए अत्यंत संवेदनशीलता के साथ चलाया गया। मछेडी से सटे घने जंगलों में पिछले कई महीनों से आतंकियों की गतिविधियां देखी गई हैं। इन जंगलों को आतंकियों ने शरणस्थली बना रखा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी संदर्भ में इस बार तलाशी अभियान में पैरा कमांडो को भी शामिल किया गया है, जो विशेष प्रशिक्षण प्राप्त बल हैं और कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाने में दक्ष माने जाते हैं।
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संदिग्धों की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। मुख्य मार्गों के साथ-साथ लिंक मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने वाले नदी-नालों के रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति भाग न सके। इलाके में आने-जाने वाले हर अनजान व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और उनकी पहचान की पुष्टि की जा रही है। पिछले डेढ़ साल में उपमंडल के विभिन्न इलाकों में आतंकवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा की भावना गहराई है।
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