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Kathua News: बसोहली से छत्रगला के बीच 200 से ज्यादा विदेशी परिंदों ने डाला डेरा
Thu, 01 Jan 2026 12:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:35 AM IST
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अपलैंड बजर्ड
कठुआ। कठुआ जिले के बसोहली से छत्रगला टॉप तक के पहाड़ों का मौसम कई विदेशी परिंदों और जानवरों को रास आ रहा है। हिमाचल और चिनाब घाटी से सटे इस इलाके में हाल में 200 से अधिक विदेशी परिंदों और जानवरों की मौजूदगी से वन्यजीव प्रेमी खासे उत्साहित हैं।
बनी- बसोहली मार्ग के पास सियारा में पहली बार स्ट्रेटिड लॉफिंग थ्रश को कैमरे में कैद किया गया। जम्मू संभाग में एल्पाइन एक्सेंटर, स्नो पिजन, कोकलाज पिजेंट और चेस्टनेट क्राउंड लाफिंग थ्रश की मौजूदगी भी महसूस हो गई। बर्ड वॉचर समुदाय के अनुसार बनी, बसोहली और बिलावर के पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीव की अच्छी मौजूदगी यहां के पर्यावरण के लिए भी सहायक है।
लोआंग, सरथल से लेकर छत्रगला टॉप के बीच बर्फबारी वाले और समुद्र तल से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के विदेशी परिंदों की भरमार है। येला थ्रॉटिड मार्टिन सरथल में देखा गया। इसके अलावा हिमालयन फॉक्स भी सरथल में देखी गई।
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साइबेरियन वीजल के अलावा हॉग डियर भी इलाके में मौजूद हैं। उधर, एल्पाइन एक्सेंटर भी सरथल के पास देखा गया। बर्ड वॉचर के एक दल ने बनी के आसपास के इलाके में हिमालयन लंगूर के अलावा यूरेशियन कार्ग मार्टिन प्रजाति के परिंदे भी कैमरे में कैद किए। खास बात यह भी थी कि तिब्बत, चीन और लद्दाख के इलाके में पाया जाने वाले अपलैंड बजर्ड भी इस इलाके में मौजूद पाया गया। समुद्र तल से 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित छत्रगला से लेकर सियारा तक कई ऐसी प्रजाति के परिंदे दिखाई दिए हैं जिनकी जम्मू-कश्मीर में मौजूदगी के पहले निशान नहीं थे। संवाद
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बनी- बसोहली मार्ग के पास सियारा में पहली बार स्ट्रेटिड लॉफिंग थ्रश को कैमरे में कैद किया गया। जम्मू संभाग में एल्पाइन एक्सेंटर, स्नो पिजन, कोकलाज पिजेंट और चेस्टनेट क्राउंड लाफिंग थ्रश की मौजूदगी भी महसूस हो गई। बर्ड वॉचर समुदाय के अनुसार बनी, बसोहली और बिलावर के पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीव की अच्छी मौजूदगी यहां के पर्यावरण के लिए भी सहायक है।
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लोआंग, सरथल से लेकर छत्रगला टॉप के बीच बर्फबारी वाले और समुद्र तल से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के विदेशी परिंदों की भरमार है। येला थ्रॉटिड मार्टिन सरथल में देखा गया। इसके अलावा हिमालयन फॉक्स भी सरथल में देखी गई।
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साइबेरियन वीजल के अलावा हॉग डियर भी इलाके में मौजूद हैं। उधर, एल्पाइन एक्सेंटर भी सरथल के पास देखा गया। बर्ड वॉचर के एक दल ने बनी के आसपास के इलाके में हिमालयन लंगूर के अलावा यूरेशियन कार्ग मार्टिन प्रजाति के परिंदे भी कैमरे में कैद किए। खास बात यह भी थी कि तिब्बत, चीन और लद्दाख के इलाके में पाया जाने वाले अपलैंड बजर्ड भी इस इलाके में मौजूद पाया गया। समुद्र तल से 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित छत्रगला से लेकर सियारा तक कई ऐसी प्रजाति के परिंदे दिखाई दिए हैं जिनकी जम्मू-कश्मीर में मौजूदगी के पहले निशान नहीं थे। संवाद

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