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रावी में अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन
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अवैध खनन पर अंकुश लगाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रावी रिवर एक्शन कमेटी के सदस्य। संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। जम्मू कश्मीर और पंजाब की सरहद पर रावी दरिया में बड़े पैमाने पर पंजाब के अवैध खननकर्ताओं पर अवैध खनन करने का आरोप लगाते हुए कीड़ियां गंडियाल इलाके के लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ा जुर्माना लगाया जाए, ताकि प्रदेश की संपदा के अंधाधुंध दोहन रोका जा सके। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर भी खनन माफिया से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे रावी रीवर एक्शन कमेटी के प्रधान मोहिंद्र पाल शर्मा ने कहा कि रावी दरिया में पंजाब के अवैध खनन करने वाले लोगों की सक्रियता इस कदर बढ़ चुकी है कि क्षेत्र के लोगों का जीना तक मुश्किल हो गया है। प्रतिबंध के बावजूद दिन और रात के समय धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। रावी में एक निजी जमीन के छोटे से टुकड़े और जगतपुर में लीज के नाम पर अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। हालात यह हैं कि रावी दरिया में पचास फुट से भी गहरे गड्ढे डाल दिए गए हैं, जिनकी भराई प्राकृतिक तरीके से अब आने वाले समय में कभी भी हो पाना मुनासिब नहीं है। आरोप लगाया कि नुकसान का पैमाना इतना है कि लीज से कई कई सौ गुणा अधिक खनन किया जा चुका है। पंजाब और जम्मू कश्मीर के गंडियाल इलाके में स्टोन क्रॅशरों के पास खनन का कोई स्त्रोत उपलब्ध नहीं है। अन्य स्त्रोत बताकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। मांग की गई है कि लीज पर धर्मकांटे लगाए जाएं ताकि खनन के पैमाने का पता चल सके। प्रदर्शन में मुख्य रूप से नारायन सिंह, यशपाल सिंह, जॉनी सिंह, दलबीर सिंह, मुकेश कुमार, दर्शन लाल ओर सुजीत मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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कीड़ियां गंडियाल के साथ साथ आसपास की कई पंचायतों में गिरने लगा है भूजल स्तर
मोहिंद्र शर्मा ने कहा कि रावी दरिया में हदबंदी न होने का पंजाब का खनन माफिया फायदा उठा रहा है। पिछले दो दशक से पंजाब के खनन माफिया ने रावी दरिया को लूटा है, जिन्हें रोकने में जिला प्रशासन असमर्थ है। खनन से उनके किड़ियां गंडयाल क्षेत्र में पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब तो हद ये हो गई है कि खनन पर प्रतिबंध होने पर भी खनन जारी रहने के साथ-साथ पंजाब का ही खनन माफिया अपनी मर्जी से कठुआ जिला की रावी की रायल्टी वसूल रहा है। इससे उनकी हिम्मत बढ़ती जा रही है। स्थानीय प्रशासन सोया हुआ है। बताया कि हालात ऐसे हैं कि कीड़ियां गंडियाल और आसपास के इलाकों में भूजल का स्तर काफी गिर चुका है। आने वाले समय में हालात ऐसे होंगे कि इलाका बंजर हो जाएगा जिसकी जिम्मेदारी जम्मू कश्मीर सरकार की होगी।
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खनन स्त्रोत की जांच करे विभाग
रावी रीवर एक्शन कमेटी के सदस्य मोहिंद्र शर्मा ने बताया कि जिन इलाकों में विभाग की ओर से खनन को लेकर लीज जारी की गई है उनके ए फार्म लगातार जारी किए जा रहे हैं। लेकिन यह ए फार्म ऐसे इलाकों में भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं जहां खनन पर प्रतिबंध है। लीज लेने वाले स्टोन क्रॅशर संचालकों को ए फार्म जारी कर रॉयल्टी वसूलते हैं। आरोप हैं कि अवैध खनन वाले इलाकों में भी धड़ल्ले से ए फार्म जारी हुए हैं जिसपर नियंत्रण और जांच की मांग की गई है।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे रावी रीवर एक्शन कमेटी के प्रधान मोहिंद्र पाल शर्मा ने कहा कि रावी दरिया में पंजाब के अवैध खनन करने वाले लोगों की सक्रियता इस कदर बढ़ चुकी है कि क्षेत्र के लोगों का जीना तक मुश्किल हो गया है। प्रतिबंध के बावजूद दिन और रात के समय धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। रावी में एक निजी जमीन के छोटे से टुकड़े और जगतपुर में लीज के नाम पर अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। हालात यह हैं कि रावी दरिया में पचास फुट से भी गहरे गड्ढे डाल दिए गए हैं, जिनकी भराई प्राकृतिक तरीके से अब आने वाले समय में कभी भी हो पाना मुनासिब नहीं है। आरोप लगाया कि नुकसान का पैमाना इतना है कि लीज से कई कई सौ गुणा अधिक खनन किया जा चुका है। पंजाब और जम्मू कश्मीर के गंडियाल इलाके में स्टोन क्रॅशरों के पास खनन का कोई स्त्रोत उपलब्ध नहीं है। अन्य स्त्रोत बताकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। मांग की गई है कि लीज पर धर्मकांटे लगाए जाएं ताकि खनन के पैमाने का पता चल सके। प्रदर्शन में मुख्य रूप से नारायन सिंह, यशपाल सिंह, जॉनी सिंह, दलबीर सिंह, मुकेश कुमार, दर्शन लाल ओर सुजीत मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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कीड़ियां गंडियाल के साथ साथ आसपास की कई पंचायतों में गिरने लगा है भूजल स्तर
मोहिंद्र शर्मा ने कहा कि रावी दरिया में हदबंदी न होने का पंजाब का खनन माफिया फायदा उठा रहा है। पिछले दो दशक से पंजाब के खनन माफिया ने रावी दरिया को लूटा है, जिन्हें रोकने में जिला प्रशासन असमर्थ है। खनन से उनके किड़ियां गंडयाल क्षेत्र में पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब तो हद ये हो गई है कि खनन पर प्रतिबंध होने पर भी खनन जारी रहने के साथ-साथ पंजाब का ही खनन माफिया अपनी मर्जी से कठुआ जिला की रावी की रायल्टी वसूल रहा है। इससे उनकी हिम्मत बढ़ती जा रही है। स्थानीय प्रशासन सोया हुआ है। बताया कि हालात ऐसे हैं कि कीड़ियां गंडियाल और आसपास के इलाकों में भूजल का स्तर काफी गिर चुका है। आने वाले समय में हालात ऐसे होंगे कि इलाका बंजर हो जाएगा जिसकी जिम्मेदारी जम्मू कश्मीर सरकार की होगी।
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खनन स्त्रोत की जांच करे विभाग
रावी रीवर एक्शन कमेटी के सदस्य मोहिंद्र शर्मा ने बताया कि जिन इलाकों में विभाग की ओर से खनन को लेकर लीज जारी की गई है उनके ए फार्म लगातार जारी किए जा रहे हैं। लेकिन यह ए फार्म ऐसे इलाकों में भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं जहां खनन पर प्रतिबंध है। लीज लेने वाले स्टोन क्रॅशर संचालकों को ए फार्म जारी कर रॉयल्टी वसूलते हैं। आरोप हैं कि अवैध खनन वाले इलाकों में भी धड़ल्ले से ए फार्म जारी हुए हैं जिसपर नियंत्रण और जांच की मांग की गई है।