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बारिश, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मिले मुआवजा
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हीरानगर। बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान का किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाए। यह गुहार मढ़ीन में किसान नेता शिवदेव सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार से मिले प्रतिनिधिमंडल ने उठाई है। साथ ही जल्द कदम नहीं उठाने पर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है।
शिवेदव सिंह ने कहा कि 2021 में हुई बारिश में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। उस समय भी किसानों को मुआवजा मिलने में कई माह का समय लगा था। इसके लिए कई बार किसानों को धरना-प्रदर्शन तक का सहारा लेना पड़ा था। पिछली बार की गलती से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है और इस बार भी फसल को नुकसान पहुंचे एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक मुआवजा तो दूर प्रभावित किसानों की सूची तक नहीं बनाई है।
कुदरत की मार और प्रशासन की अनदेखी झेल रहे किसान अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। वह अब इस स्थिति में भी नही हैं कि बैंक से कर्ज लेकर फसल की तैयारी करें। सरकार की ओर से समय पर सहायता मिलती है तो ही वह अगली फसल की तैयारी के साथ-साथ बैंक कर्ज और बिजली के बिल चुकता कर सकते हैं। शिष्टमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी भी दी है कि अगर मांगों की अनदेखी की गई तो वह जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर रंजीत सिंह, बनारसी दास, प्रीतम सिंह, अमर दास, चमन लाल, राज कुमार और बिशन दास आदि मौजूद रहे।
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शिवेदव सिंह ने कहा कि 2021 में हुई बारिश में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। उस समय भी किसानों को मुआवजा मिलने में कई माह का समय लगा था। इसके लिए कई बार किसानों को धरना-प्रदर्शन तक का सहारा लेना पड़ा था। पिछली बार की गलती से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है और इस बार भी फसल को नुकसान पहुंचे एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक मुआवजा तो दूर प्रभावित किसानों की सूची तक नहीं बनाई है।
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कुदरत की मार और प्रशासन की अनदेखी झेल रहे किसान अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। वह अब इस स्थिति में भी नही हैं कि बैंक से कर्ज लेकर फसल की तैयारी करें। सरकार की ओर से समय पर सहायता मिलती है तो ही वह अगली फसल की तैयारी के साथ-साथ बैंक कर्ज और बिजली के बिल चुकता कर सकते हैं। शिष्टमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी भी दी है कि अगर मांगों की अनदेखी की गई तो वह जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर रंजीत सिंह, बनारसी दास, प्रीतम सिंह, अमर दास, चमन लाल, राज कुमार और बिशन दास आदि मौजूद रहे।
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