{"_id":"615dfc1a8ebc3e4af164a8bf","slug":"demand-kathua-news-jmu245231822","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क दुर्घटना में मारे गए युवकों के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य के लिए मांगी नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क दुर्घटना में मारे गए युवकों के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य के लिए मांगी नौकरी
विज्ञापन
पलाख पंचायत में लोगों की समस्या जानने के लिए पहुंचे ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। गत 19 अगस्त को नगरी केेेेे मुट्ठी जगीर में बेकाबू स्कॉर्पियो की चपेट में आकर मारे गए तीन युवकों के परिजन बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
पीड़ित परिवारों का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता अर्पण वर्मा ने कहा कि तीनों ही युवक गरीब परिवारों से थे, जोकि उन परिवारों का भविष्य भी थे। लेकिन, एक बेकाबू स्कॉर्पियो ने उन्हें रौंद कर इन परिवारों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया। अगर सरकार देश के बाकी हिस्सों में इस तरह के मामलों में सहायता उपलब्ध कराती है, तो जम्मू कश्मीर में भी पीछे नहीं हटना चाहिए। इसलिए, उपराज्यपाल से इस मामले में नैतिकता के आधार पर पीड़ित परिवार को सहायता दिए जाने की मांग करते हैं।
वही ग्रामीणों के साथ आए अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि घटना में तीन घरों के चिराग बुझ आए थे। इन परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह इस मामले में न्याय लेने में खर्च होने वाले पैसे भी नहीं लगा सकते। अगर सरकार उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, तो वह अपने पक्ष को बेहतर ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत कर सकेंगे। वहीं, उन्होंने इस मामले में पुलिस से अपनी कार्यवाही जल्द पूरी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़ित परिवारों का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता अर्पण वर्मा ने कहा कि तीनों ही युवक गरीब परिवारों से थे, जोकि उन परिवारों का भविष्य भी थे। लेकिन, एक बेकाबू स्कॉर्पियो ने उन्हें रौंद कर इन परिवारों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया। अगर सरकार देश के बाकी हिस्सों में इस तरह के मामलों में सहायता उपलब्ध कराती है, तो जम्मू कश्मीर में भी पीछे नहीं हटना चाहिए। इसलिए, उपराज्यपाल से इस मामले में नैतिकता के आधार पर पीड़ित परिवार को सहायता दिए जाने की मांग करते हैं।
विज्ञापन
वही ग्रामीणों के साथ आए अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि घटना में तीन घरों के चिराग बुझ आए थे। इन परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह इस मामले में न्याय लेने में खर्च होने वाले पैसे भी नहीं लगा सकते। अगर सरकार उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, तो वह अपने पक्ष को बेहतर ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत कर सकेंगे। वहीं, उन्होंने इस मामले में पुलिस से अपनी कार्यवाही जल्द पूरी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन