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डेलीवेजर हड़ताल पर जाने को तैयार
kathua
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:14 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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पिछले कई महीनों से जिले में सरकारी उदासीनता का दंश झेल रहे बिजली विभाग के दैनिक वेतन भोगियों के सब्र का बांध जवाब देने लगा है। पिछले बाईस सालों से विभाग में सेवाएं दे रहे छह सौ से अधिक दैनिक वेतन भोगियों ने दस नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इसकी वजह से पानी के बाद अब बिजली संकट का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। दैनिक वेतन भोगियों का कहना है कि स्थानीय विधायक के आश्वासन के बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया गया। इसे देखते हुए हड़ताल करने का फैसला किया है।
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डेलीवेजर्स यूनियन कठुआ के अध्यक्ष रामकृष्ण ने कहा कि साल भर पहले उन्हें 381 पोस्ट तैयार कर एडजस्ट किए जाने का वादा किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ है। इससे पहले प्रोवेंशियल इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के सहयोग से डेलीवेजर्स यूनियन कठुआ ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर हड़ताल पर जाने के संबंध में सूचित कर दिया था। पंद्रह दिन बीतने के बाद भी किसी ने दैनिक वेतन भोगियों की सुध नहीं ली। यूनियन के सचिव सुशील कुमार ने कहा कि सरकार मांगों पर गंभीर नहीं है।
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कश्मीर में 2005 तक लगे दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किया जा चुका है, जबकि उधमपुर में 2003 और जम्मू में 1997 तक लगे दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किया जा चुका है। यह सीधे तौर पर कठुआ जिले के साथ भेदभाव है। कहा कि जिले में 1994-95 तक लगे दैनिक वेतन भोगी ही नियमित हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह से भी कई बार मुलाकात कर मामले से अवगत कराया गया। लेकिन, उन्होंने भी गंभीरता नहीं दिखाई। इन स्थितियों मेें हड़ताल के अलावा अलावा विकल्प नहीं है।
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