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आदिवासी समुदाय का सशस्त्र बलों में सेवा का लंबा इतिहास
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कठुआ। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती पर राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला उपायुक्त राहुल यादव ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय के योगदान को मान्यता देते हुए पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रही है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं से जीपीडीपी की तैयारी पर क्षमता निर्माण कार्यशाला, जनजातीय लोक संगीत, जनजातीय प्रदर्शन यात्राएं, पेंटिंग, स्वतंत्रता सेनानियों का महिमामंडन करने के लिए भाषण, विरासत स्थलों का दौरा, फिल्म, वृत्तचित्र स्क्रीनिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों को सप्ताह भर चलने वाली गतिविधियों में शामिल किया गया है। बताया कि जनजातीय गौरव सप्ताह 15 नवंबर से 22 नवंबर तक मनाया जाएगा।
जनजातीय समुदाय के सदस्यों द्वारा किए गए वीरता और बलिदान का उल्लेख करते हुए डीसी ने कहा कि आदिवासी समुदाय का भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करने का लंबा इतिहास रहा है। इसमें उन्होंने अपनी देशभक्ति और देश के प्रति प्रेम का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में आदिवासी समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है और वे मुख्य रूप से पशु और भेड़ पालन पर निर्भर डेयरी गतिविधियों से जुड़े हैं।
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उन्होंने संबंधित विभागों को आदिवासी समुदाय के बीच विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सरकार की अन्य पहलों के बारे में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। इससे पहले, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान जिले में आदिवासी कल्याण के संबंध में की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला कठुआ ने हाल ही में आदिवासी प्रवासी जनसंख्या सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें यह पाया गया है कि कुल 616,435 आबादी में से 53,307 जनजातीय आदिवासी आबादी है जो जिले की कुल आबादी का 8.6% है। उन्होंने बताया कि बदनोटा, बिलावर में आदिवासी आदर्श ग्राम तथा बनी में आदिवासी छात्रावास की स्थापना की जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के बच्चों की सहायता के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं जैसे प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और अन्य पहलों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जिले के मच्छेडी और डुगैन क्षेत्रों में ई-कक्षा परियोजनाओं की स्थापना के बारे में बताया।
गुज्जर बक्करवाल समुदाय के छात्रों ने प्रस्तुत किए लोकगीत
गुज्जर बक्करवाल समुदाय के छात्रों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डालने के अलावा लोकगीत प्रस्तुत किए। बाद में उपायुक्त ने आदिवासी समुदाय के उन सदस्यों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस मौके पर एसीडी, एसीआर, सीपीओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, वार्डन गुज्जर एवं बक्करवाल छात्रावास तथा आदिवासी समुदाय के सदस्य भी उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं से जीपीडीपी की तैयारी पर क्षमता निर्माण कार्यशाला, जनजातीय लोक संगीत, जनजातीय प्रदर्शन यात्राएं, पेंटिंग, स्वतंत्रता सेनानियों का महिमामंडन करने के लिए भाषण, विरासत स्थलों का दौरा, फिल्म, वृत्तचित्र स्क्रीनिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों को सप्ताह भर चलने वाली गतिविधियों में शामिल किया गया है। बताया कि जनजातीय गौरव सप्ताह 15 नवंबर से 22 नवंबर तक मनाया जाएगा।
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जनजातीय समुदाय के सदस्यों द्वारा किए गए वीरता और बलिदान का उल्लेख करते हुए डीसी ने कहा कि आदिवासी समुदाय का भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करने का लंबा इतिहास रहा है। इसमें उन्होंने अपनी देशभक्ति और देश के प्रति प्रेम का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में आदिवासी समुदायों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है और वे मुख्य रूप से पशु और भेड़ पालन पर निर्भर डेयरी गतिविधियों से जुड़े हैं।
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उन्होंने संबंधित विभागों को आदिवासी समुदाय के बीच विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सरकार की अन्य पहलों के बारे में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। इससे पहले, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान जिले में आदिवासी कल्याण के संबंध में की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला कठुआ ने हाल ही में आदिवासी प्रवासी जनसंख्या सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें यह पाया गया है कि कुल 616,435 आबादी में से 53,307 जनजातीय आदिवासी आबादी है जो जिले की कुल आबादी का 8.6% है। उन्होंने बताया कि बदनोटा, बिलावर में आदिवासी आदर्श ग्राम तथा बनी में आदिवासी छात्रावास की स्थापना की जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के बच्चों की सहायता के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं जैसे प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और अन्य पहलों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जिले के मच्छेडी और डुगैन क्षेत्रों में ई-कक्षा परियोजनाओं की स्थापना के बारे में बताया।
गुज्जर बक्करवाल समुदाय के छात्रों ने प्रस्तुत किए लोकगीत
गुज्जर बक्करवाल समुदाय के छात्रों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डालने के अलावा लोकगीत प्रस्तुत किए। बाद में उपायुक्त ने आदिवासी समुदाय के उन सदस्यों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस मौके पर एसीडी, एसीआर, सीपीओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, वार्डन गुज्जर एवं बक्करवाल छात्रावास तथा आदिवासी समुदाय के सदस्य भी उपस्थित थे।