फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   cultural

सुख की प्राप्ति के लिए निर्मल मन और विवेक के उपयोग आवश्यक

विज्ञापन
cultural
श्रीमद् भगवत कथा के दौरान प्रवचन करते कथाव्यास सुभाष शास्त्री। संवाद - फोटो : KATHUA
कठुआ। शहर से सटे गांव चनग्रां में श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं को सुख की प्राप्ति के लिए निर्मल मन और विवेक के उपयोग को प्राथमिकता दी। कहा कि संसार का हर प्राणी सुख की अभिलाषा तो करता है, परंतु उसके मन में उस सुख की प्राप्ति का पवित्र विचार का अभाव रहता है।
विज्ञापन

कथा वाचक ने कहा कि संसार में मनुष्य के मन को छोड़कर कहीं पाप, झगड़ा और दुख नहीं है। उदाहरण देते हुए कहा कि आप ऐसी दुनिया की कल्पना करें, जिसमें मनुष्य का नामोनिशान न हो, या सभी मानव जाति मूर्छित अवस्था में हों, तो फिर इस दुनिया में दुख नाम की कोई चीज नहीं होगी। इसका अर्थ है कि मनुष्य का मन यदि पवित्र रहे तो और वह विवेक से काम ले तो उसे कभी दुख नहीं हो सकता।
विज्ञापन

मन की पवित्रता का महत्व बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि कर्ज लेकर तीर्थ यात्रा करने की अपेक्षा पाप कर्मों से बचते हुए अपने मन को पवित्र और शुद्ध रखना अधिक श्रेष्ठ है। व्यक्ति को सुख और दुख समान रूप से स्वीकार करना चाहिए। समदर्शी व्यक्ति को यश और अपयश की भी चिंता नहीं करनी चाहिए और इस समदृष्टि रखने के लिए मन की पवित्रता का होना परम आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि धर्म की उत्पत्ति का स्थान हमारा हृदय है। हृदय से पवित्र भाव उदित हो और वह हमारे आचरण में ढल जाए। इसी को धर्म कहते हैं। मनुष्य का मन पवित्र और विचार शुद्ध हैं तो वह जो भी कर्म करेगा शुभ ही होगा। मनुष्य चाहे जहां चला जाए चाहे जो क्रिया करें। परंतु जब तक उसका चित्त शुद्ध नहीं होगा। तब तक किसी तरह से उसे आंतरिक सुख की प्राप्ति नहीं हो सकती। इसलिए यदि हमें सुख की अभिलाषा है तो सर्वप्रथम अपने मन को शुद्ध करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed