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Kathua News: प्रताड़ना की शिकार पत्नी की याचिका पर न्यायालय ने सुनाया तलाक का फैसला
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-अदालत से का लोगो लगाएंसंवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। वधु पक्ष की ओर से विवाह के चार वर्ष उपरांत दायर याचिका की सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने तलाक का आदेश सुनाया है। याचिकाकर्ता महिला ने याचिका में न्यायालय से विवाह को समाप्त करने की मांग की थी।
बता दें कि याचिकाकर्ता सीमा देवी ने वरुण शर्मा पुत्र बलराज शर्मा निवासी बिलावर से 20 दिसंबर 2020 को हिंदू रीत-रिवाजों के साथ शादी रचाई थी। विवाह के बाद से पति ने यातना देना शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान याचिकाकर्ता ने दो बच्चों को भी जन्म दिया लेकिन कभी भी दोनों के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं रहे। पति अत्यधिक शराब पीने का आदी था। जो अक्सर शराब के नशे में याचिकाकर्ता को अपमानित और मारपीट करता था। हालात ऐसे हो गए कि एक दिन पति ने झगड़े के दौरान अपने डेढ़ महीने के बच्चे को नशे की हालत में फर्श पर फेंक दिया जिससे बच्चे की मौत हो गई।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन इलाके के कुछ सम्मानित सदस्यों और रिश्तेदारों के हस्तक्षेप से समझौता कर लिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 21 दिसंबर 2023 को याचिका दायर की। पति ने समन तामील करने से इंकार कर दिया। वह 26 फरवरी 2024 को अदालत के समक्ष उपस्थित हुआ और अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय मांगा। इसके बाद से वह लगातार कार्यवाही से अनुपस्थित रहा। न्यायालय ने 6 अगस्त 2024 के आदेश के तहत एकपक्षीय कार्यवाही शुरू की।
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28 नवंबर 2024 को जिला सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जमवाल ने याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों को उचित पाया और माना कि याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की प्रताड़ना हुई है। इस पर तलाक का आदेश सुनाया गया।
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कठुआ। वधु पक्ष की ओर से विवाह के चार वर्ष उपरांत दायर याचिका की सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश ने तलाक का आदेश सुनाया है। याचिकाकर्ता महिला ने याचिका में न्यायालय से विवाह को समाप्त करने की मांग की थी।
बता दें कि याचिकाकर्ता सीमा देवी ने वरुण शर्मा पुत्र बलराज शर्मा निवासी बिलावर से 20 दिसंबर 2020 को हिंदू रीत-रिवाजों के साथ शादी रचाई थी। विवाह के बाद से पति ने यातना देना शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान याचिकाकर्ता ने दो बच्चों को भी जन्म दिया लेकिन कभी भी दोनों के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं रहे। पति अत्यधिक शराब पीने का आदी था। जो अक्सर शराब के नशे में याचिकाकर्ता को अपमानित और मारपीट करता था। हालात ऐसे हो गए कि एक दिन पति ने झगड़े के दौरान अपने डेढ़ महीने के बच्चे को नशे की हालत में फर्श पर फेंक दिया जिससे बच्चे की मौत हो गई।
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मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन इलाके के कुछ सम्मानित सदस्यों और रिश्तेदारों के हस्तक्षेप से समझौता कर लिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 21 दिसंबर 2023 को याचिका दायर की। पति ने समन तामील करने से इंकार कर दिया। वह 26 फरवरी 2024 को अदालत के समक्ष उपस्थित हुआ और अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय मांगा। इसके बाद से वह लगातार कार्यवाही से अनुपस्थित रहा। न्यायालय ने 6 अगस्त 2024 के आदेश के तहत एकपक्षीय कार्यवाही शुरू की।
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28 नवंबर 2024 को जिला सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जमवाल ने याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों को उचित पाया और माना कि याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की प्रताड़ना हुई है। इस पर तलाक का आदेश सुनाया गया।