{"_id":"6140f0658ebc3e327f5eb4c6","slug":"corona-kathua-news-jmu2436489106","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के नाम पर आम लोगों से की जा सख्ती का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के नाम पर आम लोगों से की जा सख्ती का किया विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। कोरोना महामारी के नाम पर शहर से सटे औद्योगिक क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती पर गांव के पूर्व सरपंच सतपाल ने कड़ी आपत्ति जताई है।
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई केवल गरीब लोगों का शोषण करने तक सीमित है। क्योंकि, न तो प्रशासन व्यवस्था सुधारने के लिए गंभीर है, और न ही लोगों की सुन रहा है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण चरम पर है। एक तरफ लोग कोरोना से परेशान हैं, दूसरी ओर यहां व्याप्त गंदगी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इस पर न तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही प्रशासन। ऐसे में फैक्ट्रियों से लगातार निकलने वाला जहरीला धुआं और गंदा पानी लोगों को प्रभावित कर रहा है।
पूर्व सरपंच ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपनी रोजी रोटी कमाने वाले लोगों के कोरोना के नाम पर पुलिस चालान कर देती है। लेकिन, पूरे वातावरण को दूषित करने वाली इन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। कहने को तो केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में थ्री टियर सिस्टम लागू कर दिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं है। उन्होंने उपराज्यपाल से लोगों की इन समस्याओं में हस्तक्षेप कर आम लोगों को राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई केवल गरीब लोगों का शोषण करने तक सीमित है। क्योंकि, न तो प्रशासन व्यवस्था सुधारने के लिए गंभीर है, और न ही लोगों की सुन रहा है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण चरम पर है। एक तरफ लोग कोरोना से परेशान हैं, दूसरी ओर यहां व्याप्त गंदगी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इस पर न तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही प्रशासन। ऐसे में फैक्ट्रियों से लगातार निकलने वाला जहरीला धुआं और गंदा पानी लोगों को प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन
पूर्व सरपंच ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपनी रोजी रोटी कमाने वाले लोगों के कोरोना के नाम पर पुलिस चालान कर देती है। लेकिन, पूरे वातावरण को दूषित करने वाली इन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। कहने को तो केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में थ्री टियर सिस्टम लागू कर दिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं है। उन्होंने उपराज्यपाल से लोगों की इन समस्याओं में हस्तक्षेप कर आम लोगों को राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन