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नागरिक मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान दिलाया
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कठुआ/रामकोट। जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत बुधवार को बिलावर के गुजरू नगरोटा ब्लाक की पंचायत काह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त राहुल यादव ने की। जनसंपर्क कार्यक्रम में डीडीसी अध्यक्ष, डीडीसी सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान स्थानीय लोगों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया। इलाके में पेयजल संकट के साथ-साथ बेहतर सड़क संपर्क और अन्य कई मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान दिलाया गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी को भी उजागर किया। डीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि भारत सरकार ने हाल ही में जेकेयूटी के लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन के सुचारु कार्यान्वयन के लिए 600 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि कठुआ के लिए 385 हैंडपंप लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 से अधिक हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इनसे जिले में पीने योग्य पानी की उपलब्धता में सुधार होगा।
इस अवसर पर लोगों की मांगों को सुनते हुए डीसी ने संबंधित विभागों को सभी मुद्दों के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पहल की है। कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को अपने कौशल और रुचि के अनुसार आय सृजन के नए अवसर तलाशने के लिए पीएमईजीपी, एनआरएलएम, एनयूएलएम, मुमकिन, तेजस्वनी आदि जैसी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र विभाग किसान की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, डेयरी, पशुधन आदि पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
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पशु आहार के विकल्प के रूप में आसानी से उपलब्ध संसाधनों को चुनने के उपायों का सुझाव देते हुए, डीसी ने कहा कि किसानों को साइलेज बनाने में स्विच करना चाहिए, जिसके लिए पशु और भेड़पालन विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक भी कर रहा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं से अपील की कि वे युवा केन्द्रित योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए योग्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे आएं। उन्होंने पंचायत प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया कि सभी पात्र पेंशनभोगियों को समाज कल्याण विभाग के साथ पंजीकृत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है और आने वाले समय में डीआईएलीआरएमपी-एलआरआईएस के तहत राजस्व अभिलेखों में सभी प्रविष्टियां को अपडेशन के बाद ऑनलाइन किया जाएगा।
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बैठक के दौरान स्थानीय लोगों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया। इलाके में पेयजल संकट के साथ-साथ बेहतर सड़क संपर्क और अन्य कई मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान दिलाया गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी को भी उजागर किया। डीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि भारत सरकार ने हाल ही में जेकेयूटी के लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन के सुचारु कार्यान्वयन के लिए 600 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि कठुआ के लिए 385 हैंडपंप लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 से अधिक हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इनसे जिले में पीने योग्य पानी की उपलब्धता में सुधार होगा।
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इस अवसर पर लोगों की मांगों को सुनते हुए डीसी ने संबंधित विभागों को सभी मुद्दों के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पहल की है। कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को अपने कौशल और रुचि के अनुसार आय सृजन के नए अवसर तलाशने के लिए पीएमईजीपी, एनआरएलएम, एनयूएलएम, मुमकिन, तेजस्वनी आदि जैसी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र विभाग किसान की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, डेयरी, पशुधन आदि पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
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पशु आहार के विकल्प के रूप में आसानी से उपलब्ध संसाधनों को चुनने के उपायों का सुझाव देते हुए, डीसी ने कहा कि किसानों को साइलेज बनाने में स्विच करना चाहिए, जिसके लिए पशु और भेड़पालन विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक भी कर रहा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं से अपील की कि वे युवा केन्द्रित योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए योग्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे आएं। उन्होंने पंचायत प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया कि सभी पात्र पेंशनभोगियों को समाज कल्याण विभाग के साथ पंजीकृत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है और आने वाले समय में डीआईएलीआरएमपी-एलआरआईएस के तहत राजस्व अभिलेखों में सभी प्रविष्टियां को अपडेशन के बाद ऑनलाइन किया जाएगा।