इंतजार में कटा दिन, नहीं खुला स्कूल
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जिले के पहाड़ी स्कूलों से शिकायतें मिलती हैं कि शिक्षक या तो समय पर स्कूल नहीं आते या फिर रोटेशन पर ड्यूटी पर पहुंचते हैं। वहीं शिक्षा विभाग वाट्स-एप के जरिये स्कूलों की हाजिरी रिपोर्ट की जांच करते हुए इन सभी आरोपों को खारिज करता है। सोमवार को जब इसकी पड़ताल की गई, तो हैरान करने वाली स्थिति सामने आई। बसोहली के एक स्कूल में सामने आए मामले ने सभी दावों को हवाई साबित कर दिया है। यहां तीन-तीन शिक्षकों की तैनाती के बावजूद स्कूल पर पिछले वीरवार से ताला लटका हुआ है। बच्चे समय से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन वहां उन्हें पढ़ाने के लिए कोई नहीं पहुंच रहा। इस कारण इंतजार कर बच्चे घर लौट रहे। मामला बसोहली शिक्षा जोन के सरकारी प्राइमरी स्कूल हदात का है।
सोमवार को भी समय पर पहुंचे विद्यार्थियों ने कई घंटे तक शिक्षकों के स्कूल में पहुंचने का इंतजार किया, बाद में अन्य दिनों की तरह बिना पढ़े घरों को लौट गए। हदात के सरपंच एडवोकेट करतार सिंह ने बताया कि स्कूल में पिछले वीरवार से ताला लटका है। स्कूल में तीन शिक्षक तैनात हैं, जिनमें से एक शिक्षक पिछले कई महीनों से स्कूल में आया ही नहीं है, जिसकी शिकायत जोनल शिक्षा अधिकारी को भी की जा चुकी है। वहीं एक महिला शिक्षक छुट्टी पर हैं, जबकि तीसरा शिक्षक भी तीन दिन से स्कूल नहीं पहुंचा है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही के लिए शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी बलवीर सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।