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शाम ढले अंधेरे में रहता है शहर
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Fri, 17 Oct 2014 01:44 AM IST
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दीपों के त्योहार दीपावली का काउंटडाउन शुरू हो गया है लेकिन शाम ढलने पर शहर का अंधेरा छंटने का नाम नहीं ले रहा। मुख्य मोहल्ले हों, सड़कें या फिर बाजार और चौक चौराहे स्ट्रीट लाइटों की रौशनी कहीं बेहद कम है और कहीं पर तो है ही नहीं
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नतीजतन शाम ढलने के बाद शहर के अधिकांश इलाके अंधेरे में डूब जाते हैं। नगर परिषद ने दावा किया है कि दीपावली से पूर्व स्ट्रीट लाइटों की पर्याप्त व्यवस्था कर दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में कुल आठ हजार स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं लेकिन सत्तर प्रतिशत के करीब लाइटें खराब पड़ी हैं। कई खंभों पर एक से अधिक बल्ब और ट्यूब लगे हैं जिनमें से कहीं पर या तो कुछ एक खराब हैं तो कहीं पूरी लाइट ही ठप है।
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ऐसे में रात को शहर में आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोशनी कम होने की वजह से शाम ढलने के बाद सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी तरह से शहर की रौनक भी इससे प्रभावित हो रही है।
लाइटों की समुचित व्यवस्था को लेकर पूछे जाने पर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष कोतवाल ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों को बदलने की कवायद शुरू कर दी गई है।
उन्होंने माना कि शहर की हद में आने वाली अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं जिन्हें बदलने की जरूरत है। दीपावली से पूर्व अस्सी से नब्बे फीसदी लाइटों को चलाने का लक्ष्य है ताकि रात के समय शहर की रौनक बनी रहे और लोगाें को परेशानी न उठानी पड़े।