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Kathua News: डडोली में ब्राउन प्लांट हॉपर की दस्तक

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कठुआ। नगरी से सटे डडोली गांव में ब्राउन प्लांट हॉपर की दस्तक हो चुकी है। सिर्फ डडोली ही नहीं, बल्कि कुछ दिन पहले कठुआ से सटे चनग्रां में भी ब्राउन प्लांट हॉपर (भूरे टिड्डे) दस्तक दे चुके हैं।
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दूसरी बार क्षेत्र में ब्राउन प्लांट हॉपर का मामला सामने आने के बाद कृषि विभाग के भी हाथ पांव फूले हुए हैं। मंगलवार को मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ संजीव राय गुप्ता ने टीम के साथ विभिन्न इलाकों का दौरा कर जायजा लिया। साथ ही किसानों को फसल बचाने के उपाय भी बताए।
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विशेषज्ञों के अनुसार ब्राउन प्लांट हॉपर टिड्डे फसल को चूसकर नष्ट कर देते हैं। एक फसल पर इनकी संख्या 10-15 से सैकड़ों में हो सकती है। ऐसे में ये काफी नुकसान करते हैं। कृषि विभाग के अनुसार लगभग दो सप्ताह के भीतर जिले के डडोली में ब्राउन प्लांट हॉपर की यह दूसरी दस्तक है। डडोली में लगभग दो से ढाई कनाल फसल को इस टिड्डे ने प्रभावित कर दिया है। इसके बाद विभाग ने जरूरी स्प्रे किए हैं और दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है।
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मंगलवार को धान की फसल की स्थिति का आकलन करने के लिए जिला मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय गुप्ता ने कृषि उपमंडल के विभिन्न पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान मुख्य कृषि अधिकारी ने जोन कठुआ और राजबाग के गांवों नगरी, दादोली, तरफवाला, पंडोरी, हरियाचक और चक देसा चौधरिया के किसानों से मुलाकात कर धान की फसल की स्थिति जानी।

दौरे के दौरान राय ने किसानों को प्लांट हॉपर से होने वाले संभावित खतरे की जानकारी दी। बताया गया कि प्लांट हॉपर चावल का एक कीट है, जो हॉपर बर्न का कारण बन सकता है। इससे पौधे पीले, भूरे और सूखने लगते हैं। यह कीट तेजी से फैल सकता है, जिससे फसल को काफी नुकसान हो सकता है। संक्रमित खेतों में अक्सर परिपक्व पौधों के सूखने और गिरने के गोलाकार पैच दिखाई देते हैं, जो झुलसी हुई वनस्पति का आभास देते हैं, जिसे हॉपर बर्न कहा जाता है। मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को संक्रमण के शुरुआती चरणों के दौरान तीन-चार दिनों के लिए धान के खेतों से पानी निकालने जैसे निवारक उपाय अपनाने की सलाह देने के साथ किसानों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर कही भी इसका लक्षण मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत अपने पंचायत स्तर के अधिकारी या निकटतम क्षेत्रीय कृषि कार्यालय को दें। इस मौके पर एसडीएओ कठुआ पुरुषोत्तम गुप्ता, एईओ जोन कठुआ प्रमोद वर्मा, एईओ राजबाग संजीव सिंह चिब के अलावा संबंधित जेएईओ मौजूद रहे।
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