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स्कूल खुलने से पूर्व वेतन न देने पर उग्र आंदोलन
Kathua
Updated Thu, 31 Jul 2014 05:31 AM IST
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कठुआ। रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को सात महीनों से वेतन जारी न करने पर आरईटी फोरम के बैनर तले राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क में एकत्रित शिक्षकों ने बकाया वेतन के संबंध में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल खुलने से पूर्व उन्हें वेतन जारी नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए फोरम की महिला नेता मीना ने कहा कि रमसा व एसएसए के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों का वेतन जारी नहीं करके सरकार ने शिक्षकों के आगे बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर रही है। बिना वेतन के अब आलम यह है कि परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल अजय वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षकों का हर तरीके से शोषण कर रही है। चाहे वेतन की बात हो या फिर तबादला करना हो। सरकार और विभाग दोनों शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग की दूसरी व तीसरी किश्त को भी जल्द जारी किया जाए ताकि शिक्षकों की समस्याएं कम हो।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल खुलने से पूर्व शिक्षकों का वेतन जारी नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपनाएंगे। प्रदर्शनकारियों में विभिन्न जोन के शिक्षक शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को कई बार कहा गया कि बिना वेतन के शिक्षकों का गुजारा संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन सरकार ने अभी तक केवल आश्वासनों के शिक्षकों को कुछ नहीं दिया।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए फोरम की महिला नेता मीना ने कहा कि रमसा व एसएसए के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों का वेतन जारी नहीं करके सरकार ने शिक्षकों के आगे बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर रही है। बिना वेतन के अब आलम यह है कि परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल अजय वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षकों का हर तरीके से शोषण कर रही है। चाहे वेतन की बात हो या फिर तबादला करना हो। सरकार और विभाग दोनों शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग की दूसरी व तीसरी किश्त को भी जल्द जारी किया जाए ताकि शिक्षकों की समस्याएं कम हो।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल खुलने से पूर्व शिक्षकों का वेतन जारी नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपनाएंगे। प्रदर्शनकारियों में विभिन्न जोन के शिक्षक शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को कई बार कहा गया कि बिना वेतन के शिक्षकों का गुजारा संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन सरकार ने अभी तक केवल आश्वासनों के शिक्षकों को कुछ नहीं दिया।