{"_id":"28-40020","slug":"Kathua-40020-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर महिलाओं ने की जमकर खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर महिलाओं ने की जमकर खरीदारी
Kathua
Updated Sat, 02 Nov 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। शुक्रवार को धनतेरस पर मुख्य बाजार में भरपूर रौनक रही। दीवाली से पूर्व आने वाले इस पर्व पर खरीदारी के लिए महिलाएं बड़ी संख्या में बाजारों में पहुंचीं। बर्तन स्टोर मालिकों ने भी पर्व के हिसाब से अपनी दुकान को सजाया था। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन बर्तनों में लक्ष्मी का वास होता है। इसीलिए लोग इस दिन नए बर्तनों की खरीदारी करते हैं।
शुक्रवार को बर्तन स्टोरों पर महिलाओं की भीड़ पर्व के प्रति उनकी आस्था को साफ दर्शा रही थी। सुबह सबसे पहले महिलाओं ने धन की देवी व यम की पूजा के लिए सामग्री और स्थान को सजाया। इसके बाद वे परिवार के साथ बर्तनों की खरीद के लिए निकल पड़ीं। खरीदारी देर शाम तक जारी रही। बाजार का माहौल भी पर्व के साथ ही घुल मिल गया। खरीदारी के बाद घर लौटने पर पूरे परिवार सहित मां लक्ष्मी और यम की पूजा की गई। इसके बाद रात्रि भोज का आनंद लिया गया। मान्यता है कि धनतेरस के पर्व के साथ ही दीवाली पर्व शुरू हो जाता है। बर्तनों की खरीद के पीछे तर्क यह है कि धनतेरस के दिन लक्ष्मी का वास बर्तनों में होता है।
विज्ञापन
शुक्रवार को बर्तन स्टोरों पर महिलाओं की भीड़ पर्व के प्रति उनकी आस्था को साफ दर्शा रही थी। सुबह सबसे पहले महिलाओं ने धन की देवी व यम की पूजा के लिए सामग्री और स्थान को सजाया। इसके बाद वे परिवार के साथ बर्तनों की खरीद के लिए निकल पड़ीं। खरीदारी देर शाम तक जारी रही। बाजार का माहौल भी पर्व के साथ ही घुल मिल गया। खरीदारी के बाद घर लौटने पर पूरे परिवार सहित मां लक्ष्मी और यम की पूजा की गई। इसके बाद रात्रि भोज का आनंद लिया गया। मान्यता है कि धनतेरस के पर्व के साथ ही दीवाली पर्व शुरू हो जाता है। बर्तनों की खरीद के पीछे तर्क यह है कि धनतेरस के दिन लक्ष्मी का वास बर्तनों में होता है।
विज्ञापन