{"_id":"28-24627","slug":"Kathua-24627-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीडीसी चुनाव में देर बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीडीसी चुनाव में देर बर्दाश्त नहीं
Kathua
Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। बीडीसी चुनावों को लेकर सरपंच और पंचों में खासा रोष व्याप्त है। मंगलवार को बड़ाला के सरपंच यशपाल रैणा की अध्यक्षता में पंचायत कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने सरकार के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए रोष प्रकट किया है।
नेचर मैन कांइड फ्रेंडली ग्लोबल मूवमेंट के बैनर तले हुई बैठक के बाद यशपाल रैणा ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद भी चुनावों को टालना सरकार की एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायतों को पूर्ण अधिकार देने के हक में नही है। केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरता से पंचायतों को हक देने के लिए सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि चुनाव दो माह के भीतर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को पंचायत चुनावों में भी महिला अधिकारों के बारे में सोचना चाहिए था। इस अवसर पर नायब सरपंच राजिंद्र सिंह ने कहा कि बीडीसी चुनावों को टालने की कोशिश की गई है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द बीडीसी चुनाव नहीं करवाए गए, तो सरकार को आंदोलन का सामना भी करना पड़ सकता है। इस अवसर पर जागीर, चरणदास, अश्विनी, बिशन लाल, गुरमीत आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
नेचर मैन कांइड फ्रेंडली ग्लोबल मूवमेंट के बैनर तले हुई बैठक के बाद यशपाल रैणा ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद भी चुनावों को टालना सरकार की एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायतों को पूर्ण अधिकार देने के हक में नही है। केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरता से पंचायतों को हक देने के लिए सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि चुनाव दो माह के भीतर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को पंचायत चुनावों में भी महिला अधिकारों के बारे में सोचना चाहिए था। इस अवसर पर नायब सरपंच राजिंद्र सिंह ने कहा कि बीडीसी चुनावों को टालने की कोशिश की गई है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द बीडीसी चुनाव नहीं करवाए गए, तो सरकार को आंदोलन का सामना भी करना पड़ सकता है। इस अवसर पर जागीर, चरणदास, अश्विनी, बिशन लाल, गुरमीत आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन