फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   एक साल बाद भी अधर में आरएपीडीआरपी

एक साल बाद भी अधर में आरएपीडीआरपी

Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
Kathua
Kathua Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
कठुआ। राज्य भर के साथ ही जिले में रिस्ट्रक्चर्ड एसलरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफार्म्स प्रोग्राम योजना को अमली जामा पहनाने का प्रयास वर्तमान में दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। संभाग के चिह्नित दस हजार से अधिक की आबादी वाले ग्यारह शहरों और कसबों में कठुआ में भी बिजली तंत्र में सुधार और तकनीक के लिए अमल में लाई जाने के लिए प्रस्तावित आएपीडीआपी योजना ठंडे बस्ते में है। कठुआ शहर के 13 हजार 763 बिजली उपभोक्ताओं के गले में घंटी बांधने के प्रयास स्वरूप अमल में लाई जाने वाली स्कीम को वालंटरी लोड डिसक्लोजर स्कीम के धराशाई होने से भी बड़ा झटका लगा है। 2001 की जनगणना के अनुसार शहर में ही 51034 आबादी है। दिसंबर 2011 में योजना को प्रपोजल के बाद से शुरू करने की कवायद जारी है जो कि शहर के अधिकतर क्षेत्रों की मीटरिंग न होने से पिछड़ती ही जा रही है और छत्तीस माह में पूरी की जाने वाली यह योजना अबतक अधर में ही लटकी है।
विज्ञापन


क्या कहते हैं आंकड़े?
13 हजार 763 उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली की सुविधाएं मुहैया करवाने के लक्ष्य से आरएपीडीआरपी को लागू करने की योजना है। शहर में बिजली व्यवस्था के सुधार और विकास के लिए 63.32 करोड़ की लागत का अनुमान है। जिसे नवंबर 2014 तक पूरा किया जाना है। इस योजना के तहत सघन आबादी वाले शहर में बड़े ट्रंासफार्मरों को हटाकर 25 और 16 केवीए के छोटे ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही ओवरहेड कंडक्टर (बिजली की तारों) को बदलकर एरियल बंच केवल के इस्तेमाल की योजना है। इससे बिजली चोरी पर लगाम लगाना संभव हो सकेगा। वहीं कुछ क्षेत्रों में पुरानी तारों को बदलकर नए तार बिछाए जाने की योजना है। इस प्रक्रिया से विभाग को मौजूदा स्थिति में हो रहे लगभग 70 प्रतिशत ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लासेस पर नकेल कसना भी संभव होगा। आरएपीडीआरपी के नियम और शर्तों में इन लासेस को सात वर्षों में घटाकर 15 प्रतिशत तक लाने की योजना है। इस योजना के लागू होने से प्रति मोहल्ला ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन


क्या कहते हैं अधिकारी
आरएपीडीआरपी के लिए कठुआ शहर को चुना गया है। इस योजना को पूरा करने से पूर्व सबसे बड़ी चुनौती है हर उपभोक्ता को मीटर के दायरे में लाना। साधारण मीटर को बदलकर टेंपर प्रूफ मीटर लगाए जाएंगे, जिसके लिए मीटर बाकायदा मंगवा लिए गए है। इसी माह से मीटरिंग की प्रक्रिया को तेजी से शुरू किया जाएगा, जिसके बाद जुलाई 2013 तक कठुआ शहर के हर उपभोक्ता को मीटर्ड उपभोक्ता बनाकर ही आरएपीडीआपी के लाभ देना संभव हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अश्विनी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
ईएम एंड आरई डिवीजन, पीडीडी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed