फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   2949 kanal 11 marla land will be out from river ravi kathua jammu

कठुआ: गैर मुमकिन दरिया की श्रेणी से बाहर होगी 2949 कनाल 11 मरले जमीन

Tue, 15 Feb 2022 12:07 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Tue, 15 Feb 2022 12:07 PM IST
सार

कठुआ में रावी दरिया से सटे भागथली, मखसूसपुर और माजरा की 2949 कनाल 11 मरले जमीन को गैर मुमकिन दरिया की श्रेणी से बाहर किया जाएगा।

विज्ञापन
2949 kanal 11 marla land will be out from river ravi kathua jammu

विस्तार

कठुआ में गैर मुमकिन श्रेेणी से जमीनों को निकालकर वास्तविक स्थिति दर्ज किए जाने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है। जनवरी के अंत में प्रशासनिक परिषद की ओर से जारी आदेश को पखवाड़े भर के भीतर ही अमल में लाए जाने का काम शुरू किया गया है। जिसके तहत सबसे पहले रावी दरिया से सटे भागथली, मखसूसपुर और माजरा की 2949 कनाल 11 मरले जमीन को गैर मुमकिन दरिया की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है।

विज्ञापन


इसमें भागथली की 1620 कनाल 11 मरले, मखसूसपुर की 511 कनाल 15 मरले और माजरा में 817 कनाल पांच मरले जमीन को गैर मुमकिन दरिया की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। बाकायदा सार्वजनिक अधिसूचना में खसरा वार विस्तृत जानकारियां भी साझा की गई हैं। किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज करवाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है।
विज्ञापन


दरअसल इस प्रक्रिया के लिए प्रदेश प्रशासनिक परिषद ने जिला, मंडल और प्रदेश की त्रिस्तरीय कमेटी को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2010 के राजस्व रिकॉर्ड को आधार बनाकर जिला स्तरीय कमेटी की ओर से यह पहली कार्रवाई सामने आई है। तीन महीने के भीतर जिले में तमाम ऐसी जमीनों को उनके वास्तविक स्वरूप के अनुसार गैर मुमकिन की श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला कठुआ के राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन श्रेणी में दर्ज जमीन के मालिकों को इससे बड़ी राहत मिलने वाली है। जो भूमि वास्तविक रूप से दरिया, नाले या फिर खड्ड का हिस्सा नहीं है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में उसे गैर मुमकिन दरिया, नाला या खड्ड दर्शाया गया है, उसे वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इससे एक तरफ भूमि मालिकों को जमीन के स्वतंत्र इस्तेमाल की अनुमति मिल जाएगी। वहीं, गैर मुमकिन क्षेत्र में हुए अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा।


वास्तविक स्थिति को रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए खसरा आधार पर जीपीएस के प्रयोग से डिजिटल नक्शे, जलप्रवाह क्षेत्र की चौड़ाई और इसके आसपास की मालिकाना भूमि का विस्तार देखा जाएगा। चिह्नित जलप्रवाह क्षेत्र में यदि कोई अवैध कब्जा है तो उसे हटाने के लिए प्रक्रिया चलाई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed