{"_id":"67c5fe2b6bc249d4410e41c4","slug":"1st-e-fir-lodged-in-hiranagar-police-station-kathua-news-c-201-1-knt1008-117956-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: हीरानगर थाने में पहली ई-एफआईआर दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: हीरानगर थाने में पहली ई-एफआईआर दर्ज
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में जिला पुलिस ने हीरानगर पुलिस थाने में पहली ई एफआईआर दर्ज की है। पहली इलेक्ट्रॉनिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (ई-एफआईआर) व्हाट्सएप
के माध्यम से हासिल हुई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने उसका रास्ता रोकने और हमला करने के संबंध में पुलिस से शिकायत की है। यह भी बताया गया कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में वो पुलिस स्टेशन नहीं आ सके और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत मिलने पर हीरानगर पुलिस ने ई-एफआईआर धारा 126(2)/115(2)/351(3)/बीएनएस के तहत दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
दरअसल, बीएनएसएस की धारा 173 के तहत, एसएमएस, ईमेल, व्हाट्सएप, नागरिक सेवा केंद्रों और वेब पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त की गई इलेक्ट्रॉनिक शिकायतें अब पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज की जाती हैं। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के अनुसार, शिकायतकर्ता को तीन दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत की गई शिकायत पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। ई-एफआईआर प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त चेक और संतुलन स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में जिला पुलिस ने हीरानगर पुलिस थाने में पहली ई एफआईआर दर्ज की है। पहली इलेक्ट्रॉनिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (ई-एफआईआर) व्हाट्सएप
के माध्यम से हासिल हुई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने उसका रास्ता रोकने और हमला करने के संबंध में पुलिस से शिकायत की है। यह भी बताया गया कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में वो पुलिस स्टेशन नहीं आ सके और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत मिलने पर हीरानगर पुलिस ने ई-एफआईआर धारा 126(2)/115(2)/351(3)/बीएनएस के तहत दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन
दरअसल, बीएनएसएस की धारा 173 के तहत, एसएमएस, ईमेल, व्हाट्सएप, नागरिक सेवा केंद्रों और वेब पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त की गई इलेक्ट्रॉनिक शिकायतें अब पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज की जाती हैं। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के अनुसार, शिकायतकर्ता को तीन दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत की गई शिकायत पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। ई-एफआईआर प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त चेक और संतुलन स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन