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जम्मू कश्मीर में आने के लिए 15 प्रतिशत अतिरिक्त टोल टैक्स
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
Updated Tue, 31 May 2016 12:29 AM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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श्री अमरनाथ यात्रा पर आने श्रद्धालुओं समेत अन्य लोगों को रियासत में प्रवेश पाने के लिए अब और जेब ढीली करनी होगी। रियासत की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में टोल टैक्स में आठ से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने सोमवार को विधानसभा में बजट पेश किया है।
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अनुमान के मुताबिक नई टैक्स दरों के बाद अकेले लखनपुर स्थित विभागों से ही राज्य सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये का इजाफा होगा। जानकार बताते हैं कि सरकार ने इस बजट में आम लोगों के लिए कुछ खास नहीं किया है।
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हालांकि, सरकार की झोली भरने के लिए फुलप्रूफ तैयारी है। पिछले वर्ष के बजट में विभिन्न कैटेगरी की आइटम को संशोधन किया गया है यानी जिन आइटमों पर पूर्व में पांच से 13 फीसदी तक वैट लगता था, उन्हें एक समान पांच फीसदी कर दिया गया है।
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ध्यान देने की बात यह है कि इन कैटेगरी की आइटम से राज्य के खाते में ज्यादा राजस्व नहीं पहुंचता था। ऐसे में इन आइटम में छूट देने से सरकार को कुछ खास नुकसान नहीं होगा।
शेड्यूल डी1 के जिन आइटमों के टैक्स में एक फीसदी बढ़ोतरी की गई है, उससे निश्चित रूप से सरकार के राजस्व में लाभ मिलेगा। इस कैटेगरी में सेलफोन, मोबाइल, टेबलेट, आईपैड, रेडीमेड कपड़ों, होजरी, पैक फूड और जूस को शामिल करने से इसके दामों में इजाफा होना भी तय है। ऐसे में आम लोगों की जेब पर इस बार का बजट भारी पड़ सकता है।
जानकार बताते हैं कि उद्योग जगत के लिए सरकार ने 30 जून तक रियायत जारी रखी थी, जिन्हें इस वित्तीय वर्ष में बढ़ा दिया गया है। बजट के प्रावधानों को लागू होने में अभी समय लगेगा चूंकि विधानसभा सत्र में कट मोशन के बाद एसआरओ जारी होेंगे।
लखनपुर टोल प्लाजा को निजी हाथों में देने का मुद्दा गायब : पिछले बजट में गठबंधन सरकार ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए लखनपुर टोल प्लाजा को निजी हाथों में देने के प्रावधान पर जोर दिया था। इस बार के बजट में यह बिंदु बजट से बाहर रहा।
पिछले वर्ष वित्त मंत्री ने बजट सत्र में कहा था कि लखनपुर टोल प्लाजा से भ्रष्टाचार को खत्म करने और ट्रेडरों सहित व्यवसायियों से होने वाली लूटखसूट से निजात दिलाई जाएगी।
मगर वर्ष बीतने के बाद भी मामले पर सरकार चुप्पी साधती नजर आई। वित्त मंत्री ने दावा किया था कि लखनपुर से करीब 400 करोड़ का राजस्व सरकार को मिला रहा है, वहीं निजी हाथों में दिए जाने पर 500 करोड़ रुपये आसानी से हासिल किए जा सकेंगे।