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कबाब नहीं परोसा तो किया आईएएस का तबादला
जम्मू/ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2013 09:27 AM IST
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छह साल में 11 बार तबादला। जम्मू कश्मीर में यह संभव है। उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारी दुर्गा का निलंबन सुर्खियां बना है, तो जम्मू कश्मीर कैडर की महिला आईएएस अधिकारी सोनाली कुमार बार-बार तबादले का दंश झेल रही हैं।
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हालिया तबादले की वजह गुश्तावा और कबाब के बजाय आला अफसरों को नई दिल्ली दौरे के दौरान भोजन में मूंग दाल परोसना बनी।
लिहाजा कैबिनेट की पिछली बैठक में सोनाली कुमार को प्रिंसिपल रेजीडेंट कमिश्नर नई दिल्ली के पद से तबदील कर जम्मू कश्मीर स्पेशल ट्रिब्यूनल का चेयरपर्सन बना दिया गया।
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सोनाली कुमार का कहना है कि उनका पिछले छह साल में 11 दफा तबादला हुआ। इसकी वजह उनका नियमों के मुताबिक काम करने का तरीका हो सकता है। इससे अधिक वह कुछ नहीं कहेंगी।
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सोनाली के खिलाफ पहली शिकायत वार्षिक योजना फाइनल करने राज्य के आला अफसरों की नई दिल्ली गई टीम में शामिल कुछ लोगों ने की थी। इनका आरोप था कि सोनाली कुमार ने बतौर रेजीडेंट कमिश्नर राज्य के अफसरों को कश्मीर हाउस के छोटे कमरों में ठहराया जबकि बाहरी राज्यों के आईएएस अफसरों के लिए होटल अशोक में व्यवस्था की थी।
इसके अलावा भोजन में उन्हें मूंग दाल परोसी जाती रही। इस शिकायत में आग में घी का काम विधान परिषद की राज्य की संपत्ति की जांच करने दिल्ली गई हाउस कमेटी ने किया।
कमेटी के कुछ सदस्यों ने सोनाली कुमार पर आरोप लगाया था कि वह नई दिल्ली में राज्य की संपत्ति के मुआयने संबंधी दौरे में शरीक नहीं हुईं। कमेटी के अध्यक्ष और राज्य विधान परिषद के चेयरमैन अमृत मल्होत्रा का कहना है कि उनकी तरफ से सोनाली कुमार की कोई शिकायत नहीं की गई।
यह भी बना होगा कारण
असल में सोनाली कुमार अमरनाथ भूमि विवाद 2008 के बाद से ही सरकार के निशाने पर रही, क्योंकि जिस समय श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को राज्य वन विभाग की भूमि स्थानांतरित की गई थी, उस समय सोनाली कुमार विभाग की आयुक्त सचिव थीं।
सोनाली कुमार के पति अरुण कुमार उस समय श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ और तत्कालीन राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिन्हा के प्रमुख सचिव थे। श्राइन बोर्ड को भूमि सौंपने का ठीकरा भी उस समय सोनाली कुमार पर फोड़ते हुए वन विभाग से स्थानांतरित कर दिया गया था।