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जनता से उमर ने पूछा, बताओ कहां कमी रह गई?
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 19 May 2014 12:18 PM IST
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लोकसभा चुनाव में एक भी सीट हासिल करने से महरूम रहने वाली नेशनल कांफ्रेंस की हार की वजह तलाशने में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जुट गए हैं। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला सहित पार्टी के तीनों उम्मीदवारों को मिली पराजय के लिए उमर ने लोगों से कारण पूछा है।
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उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरा मेल आईडी gupkar@gmail.com है। मैं आप लोगों से जानना चाहता हूं कि नेकां को इतना बड़ा धक्का लगने का कारण क्या है।’
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के प्रमुख विपक्षी दल पीडीपी ने जहां कश्मीर घाटी की तीनों सीटें जीती हैं, वहीं भाजपा ने जम्मू व लद्दाख की तीनों सीटें अपनी झोली में कर ली।
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उमर ने लिखा, ‘मैंने चुनाव में मिली पराजय का आत्मपरीक्षण करना शुरू कर दिया है। पार्टी के अंदर मिल रहे विचारों को सुना जा रहा है, लेकिन अपने सहयोगियों के अलावा लोगों से भी इसका कारण जानना चाहता हूं। मुझे सीखने की जरूरत है। मैं चाहता हूं कि कुछ संशोधन किया जाए। इस बार मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहता हूं और यदि इस प्रयास में मैं असफल रहा तो फिर कभी प्रयास नहीं करूंगा।’
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इससे पहले उमर ने एक और ट्वीट करते हुए आवाम से कहा, ‘पिछले पांच साल हमने समर्पण की भावना के साथ आप लोगों की सेवा की। आज हम आपकी शिकायतों को स्वीकार करते हैं और हम आपकी अपेक्षाओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।’
उमर ने ट्विटर पर ही लोगों को विश्वास दिलाया कि उनकी पार्टी फिर वापस लौटेगी। उन्होंने लिखा, ‘हम हमेशा संकटों से उभरे हैं। हमारे झंडे में हमारा रक्त है, जिसे कभी फीका नहीं होने देंगे। यहां से हम ऐतिहासिक वापसी की कहनी लिखेंगे।’ उमर ने कहा कि उनकी पार्टी इस हार से सबक सीखेगी। इससे और मजबूत होगी।
उमर ने लिखा, ‘हम आपके फैसले का सम्मान करते हैं। कुछ सीखने और एक नई यात्रा शुरूआत करने का यह सही स्थान है। हम सीखेंगे। विकसित होंगे।’ चार्ल्स डिकेन्स की पुस्तक ‘ए टेल आफ टू सिटीज’ को कोट करते हुए उमर ने लिखा, ‘यह समय सबसे अच्छा था। यह समय सबसे बुरा था। यह ज्ञान की उम्र थी। यह मूर्खता की उम्र थी। यह आशा का वसंत था। यह निराशा की सर्दी थी...। मैंने बारीकी से शब्दों की पहचान की है।’