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जम्मू-कश्मीर: गुपकार की बैठक अब 26 फरवरी को श्रीनगर में होगी, पहले 23 को थी प्रस्तावित
Fri, 18 Feb 2022 12:34 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 18 Feb 2022 12:34 AM IST
सार
परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्य और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने परिसीमन के मूल आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। जब तक सर्वोच्च न्यायालय में इन सभी याचिकाओं का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक इन सिफारिशों पर अमल नहीं होना चाहिए।
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गुपकार बैठक
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
परिसीमन आयोग की सिफारिशों व जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) की बैठक अब 26 फरवरी को यहां होगी। पिछले सप्ताह पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि पीएजीडी की बैठक 23 फरवरी को होगी।
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पांच दलों के गठबंधन के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने वीरवार को यहां बताया कि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए श्रीनगर में पीएजीडी की बैठक 26 फरवरी को होगी। मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा को छोड़कर सभी मुख्यधारा की पार्टियों ने परिसीमन आयोग के मसौदे के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि आयोग ने अभ्यास के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं किया है।
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परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्य और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने परिसीमन के मूल आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। जब तक सर्वोच्च न्यायालय में इन सभी याचिकाओं का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक इन सिफारिशों पर अमल नहीं होना चाहिए।
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