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एलओसी पर पाकिस्तानी फायरिंग में महिला-बच्ची जख्मी

Fri, 23 Aug 2013 03:39 AM IST
पुंछ/मेंढर/ब्यूरो
पुंछ/मेंढर/ब्यूरो Updated Fri, 23 Aug 2013 03:39 AM IST
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firing on loc

पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को भी सीजफायर का उल्लंघन करते हुए लाइन आफ कंट्रोल स्थित कई अग्रिम भारतीय चौकियों पर गोलियां बरसाईं। इसमें एक महिला और बच्ची जख्मी हो गई। दोनों को सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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सैन्य प्रवक्ता आरके पालटा ने बताया कि पाकिस्तान ने दोपहर 12 बजे के बाद पुंछ और मेंढर सेक्टर की केरनी-1, केरनी-2, शाहपुर, बालाकोट, पतरी स्थित अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया। इसके अलावा रिहायशी इलाकों पर भी गोलाबारी की।
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इससे सीमावर्ती इलाके में रहने वाली 50 वर्षीय नूरजहां (पत्नी मोहम्मद दीन) और छह वर्षीय शाहिदा कौसर जख्मी हो गई। शाहिदा के पेट में गोली लगी है। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उन्हें जीएमसी रेफर कर दिया गया।
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पाक की 641 मुजाहिदीन रेजिमेंट ने किरनी में सेना की 2/4गोरखा रेजिमेंट और शाहपुर में तैनात 3 गढ़वाल की चौकियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भारी गोलाबारी शुरू कर दी।

इस दौरान गांव कसबा में शौच के बाद कमरे में जा रही शाहीदा कौसर को पाक सेना द्वारा दागी गई एक गोली पेट में जा लगी। साथ ही उसके मकान के पास गिरे मोर्टार के कुछ टुकडे़ उसके हाथों में लगे। वहीं, गांव किरनी में पशुओं को पानी पिला रही नूरजहां के कुछ दूरी पर गिरे मोर्टार के कई टुकडे़ उसके शरीर में जा धंसे।

बृहस्पतिवार को भी पाकिस्तान ने मोर्टार से हमला किया। जिसका भारतीय सेना ने भी जवाब दिया। सैन्य कर्मियों का कहना है कि 2003 से पुंछ-राजोरी सेक्टर स्थित एलओसी में सीजफायर का सिर्फ नाम ही रह गया है।

पाकिस्तानी सैनिक अकसर सीजफायर का उल्लंघन करते हैं। दस अगस्त से लगातार गोलाबारी चल रही है और इस माह सीजफायर उल्लंघन के 28 मामले हो चुके हैं। जबकि जनवरी 2013 से अब तक 80 बार पाक गोलाबारी कर चुका है।


मेंढर प्रतिनिधि के अनुसार सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोग लगातार गोलाबारी से इतने डरे हुए हैं कि वे घर छोड़ दूर-दराज इलाकों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के घर का रुख कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि करीब एक महीने से वह चैन की नींद नहीं सो सके हैं क्योंकि कोई रात ऐसी नहीं होती, जब फायरिंग न हो। इसकी वजह से बच्चे घबरा गए हैं।

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